
इंदौर। जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने जिले में जांच अभियान तेज कर दिया है। दो दिनों में टीम ने 10 खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया, जबकि 8 प्रतिष्ठानों से पनीर, मावा, मिठाई, टॉफी, कुकीज सहित अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच के लिए भोपाल भेजे जा रहे हैं। निरीक्षण के दौरान कई प्रतिष्ठानों में स्वच्छता संबंधी गंभीर कमियां सामने आईं। शिकायतों के आधार पर की गई कार्रवाई में किचन की गंदगी, ड्रेनेज की समस्या, रडेंट्स के ट्रेस, टूटी जालियां और पेस्ट कंट्रोल व्यवस्था का अभाव भी पाया गया।
खंडवा रोड स्थित पंडित जी ढाबा एंड रेस्टोरेंट में मेडिकल फिटनेस और पेस्ट कंट्रोल प्रमाण-पत्र उपलब्ध नहीं मिले। कारवां रेस्टोरेंट में कॉस्मेटिक उपयोग के गुलाब जल का खाद्य पदार्थ के रूप में इस्तेमाल पाया गया, जिसे मौके पर नष्ट कराया गया। यहां से पनीर और स्टार्च के नमूने लिए गए। आदर्श रेस्टोरेंट में भी स्वच्छता सुधार के निर्देश दिए गए।
शिकायत के आधार पर आरएनटी मार्केट के बीकानेर वाला से पनीर व खमण तथा विजयनगर के बर्गर फार्म्स से खाद्य पदार्थ का नमूना लिया गया। होटल माला से मूंगफली दाना और बेसन के नमूने लिए गए।
17 सितंबर को नाकोड़ा एवरफ्रेश, स्वीट सॉल्यूशन और विकास स्वीट्स एंड रेस्टोरेंट से भी नमूने लिए गए। आरंभ रेस्टोरेंट में गंदगी, ड्रेनेज की समस्या, रडेंट्स के ट्रेस, टूटी जालियां और पेस्ट कंट्रोल का अभाव मिला। प्रतिष्ठान को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की धारा 32 के तहत सुधार सूचना पत्र जारी किया गया है।
खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने कहा है कि जिले में खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच और नमूना लेने की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। प्राप्त शिकायतों की जांच कर खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
2 दिन की कार्रवाई एक नजर में
10 खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण
8 प्रतिष्ठानों से खाद्य नमूने लिए गए
नमूने जांच के लिए भोपाल भेजे जा रहे हैं
कई प्रतिष्ठानों में स्वच्छता संबंधी कमियां मिलीं
आरंभ रेस्टोरेंट को धारा 32 के तहत सुधार सूचना पत्र जारी
सोशल मीडिया और व्हाट्सऐप से मिली शिकायतों पर भी कार्रवाई
