PhonePe ने डिजिटल भुगतान में क्रांति लाते हुए लॉन्च किया UPI बायोमेट्रिक फीचर, अब पिन याद रखने का झंझट खत्म, फिंगरप्रिंट और फेस आईडी से होगा पेमेंट

बेंगलुरु | डिजिटल ट्रांजेक्शन को सुरक्षित और आसान बनाने के लिए फिनटेक दिग्गज PhonePe ने एक गेम-चेंजर फीचर पेश किया है। अब ग्राहकों को भुगतान के लिए बार-बार चार या छह अंकों का UPI पिन डालने की मजबूरी नहीं होगी। इसके बजाय, यूजर्स अपने स्मार्टफोन के फिंगरप्रिंट सेंसर या फेस आईडी का इस्तेमाल कर सीधे भुगतान कर सकेंगे। कंपनी के पेमेंट्स प्रमुख दीप अग्रवाल ने बताया कि यह “हार्डवेयर-ग्रेड सिक्योरिटी” पर आधारित है। चूंकि बायोमेट्रिक डेटा डिवाइस के ‘सिक्योर एन्क्लेव’ में सुरक्षित रहता है और कभी बाहर नहीं जाता, इसलिए यह पारंपरिक पिन की तुलना में कहीं अधिक निजी और सुरक्षित विकल्प साबित होगा।

शुरुआती चरण में, यह विशेष सुविधा 2000 रुपये तक के छोटे और मध्यम लेनदेन के लिए “वन-टच” भुगतान की अनुमति देगी। इसका सबसे अधिक लाभ व्यस्त बाजारों, मेट्रो स्टेशनों और किराना दुकानों पर मिलेगा जहाँ समय की कमी होती है। इस तकनीक के आने से गलत पिन दर्ज करने की वजह से फेल होने वाले ट्रांजेक्शन की संख्या में भारी कमी आएगी। यदि किसी स्थिति में फिंगरप्रिंट सेंसर काम नहीं करता है, तो सिस्टम स्वतः ही पुराने पिन विकल्प पर स्विच हो जाएगा। यह हाइब्रिड मॉडल सुनिश्चित करता है कि उपयोगकर्ता का भुगतान किसी भी परिस्थिति में बाधित न हो।

PhonePe की यह पहल न केवल तकनीक-प्रेमी युवाओं के लिए है, बल्कि उन बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए भी वरदान साबित होगी जिन्हें जटिल पासवर्ड याद रखने या टाइप करने में कठिनाई होती है। फिलहाल यह सुविधा एंड्रॉइड (Android) उपयोगकर्ताओं के लिए रोल आउट की गई है, और जल्द ही इसे आईफोन (iOS) यूजर्स के लिए भी उपलब्ध कराया जाएगा। इस कदम से भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था और अधिक समावेशी बनेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण से न केवल फ्रॉड के मामलों में कमी आएगी, बल्कि इससे डिजिटल पेमेंट की सफलता दर (Success Rate) में भी ऐतिहासिक सुधार देखने को मिलेगा।

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