
जबलपुर। घमापुर थाना अंतर्गत गन कैरिज फैक्ट्री (जीसीएफ) के मुख्य द्वार पर सुरक्षा विभाग के कनिष्ठ प्रबंधक पर सुरक्षा ड्यूटी कड़ाई से कराने से नाराज प्राइवेट सुरक्षा गार्डों ने कनिष्ठ प्रबंधक को घेरकर उन पर हमला किया था। अब इस मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।
पुलिस के मुताबिक रणजीत प्रजापति (57) निवासी न्यू कॉलोनी, जीएफ इस्टेट घमापुर के सुरक्षा विभाग में कनिष्ठ प्रबंधक के पद पर पदस्थ हैं। 14 सितंबर 2026 की दोपहर करीब 12:45 बजे वह अपने वरिष्ठ अधिकारी अमित प्रताप सिंह के साथ सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा करने के लिए सीजीएम कार्यालय गए थे। वहां से मार्गदर्शन लेने के बाद, दोपहर करीब 1:15 बजे जैसे ही वह अपनी स्कूटी से लंच के लिए मेन गेट से बाहर निकले थे पहले से घात लगाए बैठे गार्ड्स ने उन्हें घेर लिया था। मेन गेट के पास करीब 30-35 प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड्स में से रवि शुक्ला और दो अन्य ने रणजीत प्रजापति को हाथ देकर रोका। उन्होंने सवाल किया कि उन्हें वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी से क्यों नहीं मिलवाया जा रहा है? इस पर कनिष्ठ प्रबंधक ने शांति से जवाब दिया कि मिलने के लिए दोपहर 3 बजे का समय तय हो चुका है। इतने में वहां मौजूद प्राइवेट गार्ड सुरेंद्र यादव ने सीजीएम को अपशब्द कहे। जब रणजीत प्रजापति ने मना किया, तो सुरेंद्र यादव ने अपनी कमर से भारी मेटल बकल वाली बेल्ट निकाली और रणजीत प्रजापति के सिर और मुंह पर जानलेवा हमला कर दिया। वार इतने जोरदार थे कि कनिष्ठ प्रबंधक का हेलमेट चकनाचूर हो गया था। हमले में पीडि़त को गंभीर चोटें आई थी। इसी बीच सीनियर सिक्योरिटी ऑफिसर अमित प्रताप सिंह को गाड़ी से आते देख आरोपी सुरेंद्र यादव जान से मारने की धमकी देता हुआ वहां से भाग निकला था।
साजिश के तहत लामबंद होकर किया हमला-
पीडि़त रणजीत प्रजापति ने पुलिस को बताया कि यह हमला एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा था। फैक्ट्री के बाहर यह भीड़ प्राइवेट सिक्योरिटी सुपरवाइजर रामजीत यादव, सत्यनारायण और अजय के नेतृत्व में लामबंद होकर गलत इरादे से इक_ा हुई थी। दरअसल, ये प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड्स ठीक से ड्यूटी नहीं कर रहे थे और सुरक्षा व्यवस्था का कड़ाई से पालन कराए जाने के कारण कनिष्ठ प्रबंधक से रंजिश रख रहे थे। इसी कारण उन्हें जान से मारने के उद्देश्य से यह हमला किया गया।
