जमीन घोटाला: फर्जी दस्तखत कर बेची संपत्ति, एफआईआर दर्ज

जबलपुर। गौरैया स्थित जमीन को पार्टनर ने फर्जी हस्ताक्षर, दस्तावेजों और कूटरचना के सहारे बेचने बेच दिया गया। गोरखपुर पुलिस ने रिपोर्ट पर एफआईआर दर्ज कर ली है।

पुलिस के मुताबिक हरविंदर सिंह बिन्द्रा निवासी बिन्द्रा निवास, ईसाई मोहल्ला, गोरखपुर ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसने एवं मनीष चंसौरिया और बृजेश जैन ने संयुक्त रूप से ग्राम गौरैया तहसील रांझी में कुल 0.445 हेक्टेयर जमीन खरीदी थी। इस संयुक्त संपत्ति में तीनों साझेदारों का बराबर का कानूनी हक था। मनीष चंसौरिया ने नियत खराब होने पर हरविंदर सिंह के हूबहू फर्जी हस्ताक्षर तैयार किए और उनकी बिना जानकारी व अनुमति के पूरी संपत्ति को टुकड़ों में बेच दिया। इस जमीन को लेकर न्यायालय द्वारा पूर्व में ही क्रय-विक्रय पर रोक लगा दी गई थी। इसके बावजूद मनीष चंसौरिया लगातार जमीन की रजिस्ट्रियां करता रहा। हरविंदर सिंह बिन्द्रा ने चतुर्थ व्यवहार न्यायाधीश के समक्ष एक दावा दायर किया था। इसमें उन्होंने 1/3 भूमि का स्वामी घोषित करने और अवैध रजिस्ट्रियों को निरस्त करने की मांग की थी। मामले में न्यायालय ने पीडि़त के पक्ष में फैसला सुनाया। प्रमाणित पाया कि हरविंदर सिंह बिन्द्रा ही इस 1/3 भूमि के वास्तविक और वैध मालिक हैं।

तहसीलदार की रिपोर्ट से हुआ खुलासा

अदालत से हक मिलने के बाद जब पीडि़त हरविंदर सिंह ने अपनी जमीन का कानूनी सीमांकन कराने के लिए तहसीलदार के समक्ष आवेदन दिया, तो वहां से मिले जवाब ने उनके होश उड़ा दिए। तहसीलदार कार्यालय ने आवेदन को यह कहते हुए बंद कर दिया कि उक्त पूरी भूमि को मनीष चंसौरिया द्वारा पहले ही बेचा जा चुका है और मौके पर कोई भी शासकीय रिकॉर्ड या जमीन शेष नहीं बची है। इससे यह स्पष्ट हो गया कि कूटरचित दस्तावेजों के जरिए पूरी जमीन हड़प ली गई है। पुलिस ने रिपोर्ट पर मनीष चंसौरिया के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है

Next Post

जीसीएफ में सुरक्षा ड्यूटी कड़ाई से लागू करने पर कनिष्ठ प्रबंधक पर हुआ था हमला

Fri Sep 18 , 2026
जबलपुर। घमापुर थाना अंतर्गत गन कैरिज फैक्ट्री (जीसीएफ) के मुख्य द्वार पर सुरक्षा विभाग के कनिष्ठ प्रबंधक पर सुरक्षा ड्यूटी कड़ाई से कराने से नाराज प्राइवेट सुरक्षा गार्डों ने कनिष्ठ प्रबंधक को घेरकर उन पर हमला किया था। अब इस मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर […]

You May Like