ब्रुसेल्स/ओटावा, (वार्ता) यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने बुधवार को कनाडा को यूरोपीय संघ का पहला “सहयोगी सदस्य” बनाने का ऐतिहासिक प्रस्ताव रखा है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य अमेरिका के साथ तनावपूर्ण संबंधों और वाशिंगटन के कड़े रुख के बीच अमेरिकी बाजार पर निर्भरता कम करना तथा ओटावा और ब्रुसेल्स के बीच आर्थिक और सुरक्षा क्षेत्र में रणनीतिक सहयोग को मजबूत करना है।
अपने वार्षिक ‘स्टेट ऑफ द यूनियन’ संबोधन के दौरान सुश्री वॉन डेर लेयेन ने इस प्रस्ताव को पेश करते हुए कहा कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों में पुराने समीकरण और संबंध प्रभावित हुए हैं। संबोधन में मौजूद कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी को सीधे संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक देशों को यह चुनने की पूरी आजादी है कि वे किसके साथ मिलकर काम करना चाहते हैं।
प्रस्तावित व्यवस्था दोनों देशों के बीच मौजूदा व्यापार समझौते से आगे बढ़कर रक्षा उद्योग, विनिर्माण, प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, और आर्कटिक क्षेत्र में गहरे सहयोग का मार्ग प्रशस्त करेगी।
यह कदम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कनाडाई अर्थव्यवस्था पर भारी शुल्क (टैरिफ) लगाने और कनाडा के खिलाफ आक्रामक बयानों के बाद उठाया गया है। अमेरिका ने कनाडाई उत्पादों पर 50 प्रतिशत तक का शुल्क लगाया है, जबकि डेयरी और ऑटो आयात पर नए प्रतिबंध जल्द लागू होने वाले हैं।
यूरोपीय संघ के प्रवक्ता के अनुसार, ईयू कनाडा के साथ एक अभूतपूर्व साझेदारी स्थापित करना चाहता है, जो यूरोप से बाहर के किसी भी देश के साथ अब तक का सबसे करीबी रणनीतिक संबंध होगा। हालांकि नॉर्वे और आइसलैंड जैसे देश यूरोपीय एकल बाजार का हिस्सा हैं, लेकिन कनाडा के साथ यह सहयोगी सदस्यता एक नए और अलग प्रारूप में तैयार की जाएगी।
