
देवास। मालवाहक पिकअप वाहनों को यात्री वाहन बनाकर मजदूरों की जान जोखिम में डालकर इंदौर ले जाने के मामले में उदयनगर पुलिस सख्त कार्रवाई कर रही है। बार-बार समझाइश, जनचौपाल और सोशल मीडिया के जरिए जागरूक करने के बावजूद जब वाहन चालकों और ठेकेदारों ने लापरवाही नहीं छोड़ी तो पुलिस ने कार्रवाई का रास्ता अपनाया। पुलिस ने मजदूरों को असुरक्षित तरीके से ले जा रहे दो पिकअप वाहनों को मोटरयान अधिनियम के तहत जब्त किया है। वहीं दोनों वाहन चालकों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार किया गया।
पहले समझाया, फिर कार्रवाई की-
उदयनगर थाना क्षेत्र से बड़ी संख्या में मजदूरों को मालवाहक वाहनों में बैठाकर इंदौर ले जाने की सूचनाएं पुलिस को लगातार मिल रही थीं। इसे लेकर पुलिस ने पूर्व में भी चालानी कार्रवाई की थी। मजदूरों की रोजी-रोटी प्रभावित न हो, इसे ध्यान में रखते हुए पुलिस ने तत्काल सख्ती के बजाय पहले मानवीय दृष्टिकोण अपनाया। गांव-गांव जनचौपाल लगाकर वाहन चालकों, वाहन मालिकों, ठेकेदारों और मजदूरों को समझाइश दी गई। सोशल मीडिया और स्थानीय कम्युनिटी ग्रुपों के माध्यम से भी लगातार संदेश दिया गया कि मालवाहक वाहनों में यात्रियों को बैठाना जानलेवा साबित हो सकता है और आवागमन के लिए अधिकृत यात्री वाहनों का ही इस्तेमाल किया जाए।
हादसे के बाद और बढ़ी चिंता-
पुलिस की चिंता उस समय और बढ़ गई जब पिछले दिनों इंदौर क्षेत्र में एक पिकअप वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में उदयनगर क्षेत्र के मजदूर घायल हुए थे। घटना ने मालवाहक वाहनों में मजदूरों को असुरक्षित तरीके से ले जाने के खतरे को एक बार फिर सामने ला दिया। ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकने और मजदूरों की जिंदगी सुरक्षित रखने के लिए पुलिस ने अब सख्त रुख अपनाया। कार्रवाई के दौरान दो पिकअप वाहनों को जब्त किया गया और दोनों चालकों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई।
‘कमाई के लिए जिंदगी से खिलवाड़ न करें’
उदयनगर पुलिस का कहना है कि मजदूरी तक पहुंचने के लिए जिंदगी को जोखिम में डालना किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। पुलिस ने वाहन चालकों, वाहन मालिकों और ठेकेदारों से भी श्रमिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की है। देवास पुलिस ने आमजन और मजदूरों से अपील की है कि मजदूरी या अन्य कार्यों के लिए यात्रा करते समय केवल अधिकृत यात्री वाहनों का ही उपयोग करें। मालवाहक पिकअप वाहनों में बैठकर अपनी जान जोखिम में न डालें। किसी भी तरह के असुरक्षित यात्री परिवहन की जानकारी तत्काल डायल-112 पर दें।
