नीमच मंडी मे गेहूं का शेड बना व्यापारियों का गोदाम?

नीमच। किसानों की उपज की नीलामी और सुविधा के लिए बनाए गए नीमच कृषि उपज मंडी के गेहूं शेड इन दिनों व्यापारियों के गेहूं के स्टॉक से भरे पड़े हैं। शेड में बड़ी मात्रा में गेहूं जमा होने के कारण मंडी में अपनी उपज लेकर पहुंचने वाले किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खासकर बारिश के दौरान किसानों के सामने अपनी उपज सुरक्षित स्थान पर खाली करने की समस्या खड़ी हो रही है।

मंडी के गेहूं शेड में जगह-जगह गेहूं के कट्टों के ऊंचे-ऊंचे ढेर लगे हुए हैं। कई जगह स्टॉक करीब 10 से 12 फीट ऊंचाई तक जमा होने की बात सामने आई है। स्टॉक को सुरक्षित रखने के लिए आसपास दवा का छिडक़ाव भी किया गया है। बताया जा रहा है कि यह गेहूं करीब एक माह से अधिक समय से शेड में जमा है।

25 हजार से अधिक बोरी होने का दावा

नाम नहीं छापने की शर्त पर एक व्यापारी ने बताया कि शेड में रखा गेहूं करीब 25 हजार बोरी से अधिक हो सकता है। व्यापारी के अनुसार लंबे समय तक इतना बड़ा स्टॉक मंडी परिसर में रखे जाने से किसानों के लिए उपलब्ध जगह प्रभावित हो रही है। व्यापारी अगर यह माल मंडी से उठाकर गोदाम या वेयर हॉउस तक ले जाता तो उसको कम से कम 8 रूपये प्रति बोरी भाड़ा देना पड़ता व मंडी अधिनियम के अनुसार अगर कोई व्यापरी मंडी शेड मे माल रखता हे तो प्रति दिन के हिसाब 10 रूपये प्रति बोरी किराया या भाड़ा का प्रावधान या मंडी अधिनियम से जुर्माना राशि वसुल किया जाता हे यह भाड़ा अगर मंडी समिति वसूल करती हे तो रोज़ का लगभग दो से तीन लाख प्रतिदिन का भाड़ा मंडी को प्राप्त होता हे

हालांकि व्यापारी द्वारा बताई गई गेहूं की मात्रा और शुल्क संबंधी आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि मंडी प्रशासन से नहीं हुई है। यही वजह है कि इस पूरे मामले में मंडी प्रशासन की भूमिका और नियमों को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।

बारिश में किसान कहां खाली करें अपनी उपज?

गेहूं की आवक के दौरान किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर मंडी पहुंचते हैं। किसानों का कहना है कि बारिश के समय शेड खाली नहीं मिलने पर गेहूं को सुरक्षित स्थान पर खाली करना मुश्किल हो जाता है। वहीं शेड और आसपास का स्थान स्टॉक से घिरा होने के कारण ट्रैक्टरों की आवाजाही भी प्रभावित होती है।

नीलामी शुरू होने के बाद किसानों, व्यापारियों और मंडी कर्मचारियों को भी आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है।

किसानों का सवाल है कि यदि मंडी किसानों की उपज की नीलामी और सुविधा के लिए है तो किसानों की सुविधा के लिए बने शेड में व्यापारियों का इतना बड़ा स्टॉक लंबे समय तक क्यों रखा जा रहा है?

व्यापारियों को भंडारण की सुविधा या किसानों के लिए परेशानी?

किसानों का कहना है कि व्यापारियों को यदि गेहूं का लंबे समय तक भंडारण करना है तो वेयरहाउस या निर्धारित भंडारण स्थल का उपयोग किया जाना चाहिए। मंडी परिसर में स्टॉक रखने से किसानों के लिए उपलब्ध स्थान कम होता है। वहीं यह भी सवाल उठ रहा है कि शेड में इतने लंबे समय तक गेहूं रखने की अनुमति किस नियम के तहत दी गई है और इसके लिए व्यापारियों से कोई शुल्क अथवा किराया लिया जा रहा है या नहीं। यदि शुल्क लिया जा रहा है तो मंडी को इससे कितना राजस्व मिल रहा है, यह भी स्पष्ट किया जाना चाहिए।

किसान राजेंद्र सिंह सगराना ने बताया की हम गेहूं बेचने आते हे तो शेड व्यापारी के माल से भरा रहता हे बारिश आने से माल गिला होने की सम्भवा रहती हे हमने शिकायत करी मंडी समिति ने कोई कारवाही नही करी नही —शेड खाली कराए गया

किसानों ने मंडी प्रशासन से मांग की है कि गेहूं के शेड में लंबे समय से रखे व्यापारियों के स्टॉक को जल्द हटवाया जाए, ताकि किसानों को अपनी उपज खाली करने के लिए पर्याप्त जगह मिल सके।

किसानों का कहना है कि मंडी की पहली प्राथमिकता किसान और उसकी उपज होनी चाहिए। यदि किसानों की सुविधा के लिए बनाए गए शेड ही लंबे समय तक व्यापारियों के माल से भरे रहेंगे तो बारिश के समय सबसे ज्यादा परेशानी किसान को ही उठानी पड़ेगी। अब निगाहें मंडी प्रशासन पर हैं कि किसानों की परेशानी को देखते हुए शेड में जमा गेहूं का स्टॉक कब हटाया जाता है और भविष्य में किसानों के लिए पर्याप्त स्थान सुनिश्चित करने के लिए क्या व्यवस्था की जाती है।

 

मंडी सचिव बोले—आईटीसी को देना है गेहूं

मामले में नीमच कृषि उपज मंडी सचिव उमेश शर्मा (बसेडिया) ने बताया कि शेड में रखा गेहूं तीन-चार व्यापारियों का है। यह गेहूं आईटीसी को दिया जाना है। पूरी रैक एक साथ भेजी जानी है, इसलिए रैक पूरी भरने तक गेहूं को यहां एक महीने से ज्यादा समय तक एकत्रित करके रखा गया है। सचिव ने बताया कि इस गेहूं से मंडी को टैक्स भी प्राप्त होगा और जल्द ही यह माल उठा लिया जाएगा।

 

इनका कहना है…

आप के माध्यम से मंडी शेड मे व्यापारियो के गेहूं स्टॉक होने की जानकारी आप के माध्यम से चली है। अगर वहा पर गेहूं रखा हुआ है तो मंडी अधिनियम के अंतर्गत कारवाही की जाएगी ।

– पराग जैन मंडी भरसाधक अधिकारी नीमच

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