
जबलपुर। भू-माफियाओं ने एक कीमती प्लॉट को हड़पने के लिए मृतक की फर्जी बेटी खड़ी कर दी। इसके बाद साजिश रचते हुए कूटरचित दस्तावेज तैयार कर उस जमीन की दोबारा रजिस्ट्री भी करा डाली। लंबी जांच के बाद गोहलपुर पुलिस ने पांच आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।
पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता भैयाजी पटेल ने बताया कि उनके बेटे आनंद कुमार पटेल ने 20 अप्रैल 2017 को त्रिमूर्ति नगर स्थित खसरा नंबर 152/01, प्लॉट नंबर 504 क्षेत्रफल 1500 वर्ग फुट का एक भूखंड खरीदा था। यह जमीन उन्होंने मूल भू-स्वामी स्वर्गीय तुलसीराम चौरसिया के असली वारिसों निखलेश, नीलेश और पुष्पा चौरसिया से बकायदा रजिस्ट्री कराकर खरीदी थी। इस खरीदी के बाद राजस्व रिकॉर्ड में भी आनंद कुमार पटेल का नाम बतौर मालिक दर्ज हो गया था। तुलसीराम चौरसिया का निधन हो जाने के पश्चात् उनके वारसान हक में उनके वारसान निखलेश चौरसिया नीलेश चौरसिया एवं पत्नी पुष्पा चौरसिया का नाम राजस्व प्रकरण में दर्ज हो गया था जिसके पश्चात् उक्त भूमि को निखलेश चौरसिया वगैरह से अर्थात् तुलसीराम चौरसिया के विधिक वारसानो से वर्ष 2017 में खरीद ली थी। राजस्व रिकार्ड में आज भी मालिकस्वामी की हैसियत से आनंद कुंमार पटेल का नाम दर्ज है। राकेश गुप्ता उर्फ बब्लू की निगाह उसकी संपत्ति पर थी जिस कारण उसने कल्पना बर्देल नामक महिला को आपराधिक षडय़ंत्र में शामिल करके उसे तुलसीराम चौरसिया की पुत्री होना बताते हुए साजिश रची। जबकि कल्पना बर्देल नाम की कोई भी महिला दूर-दूर तक तुलसीराम चौरसिया की कोई रिश्तेदार या वारिस नहीं है। इसी प्लाट पर मोहित तिवारी, लखन नायक, अर्जुन साहो के द्वारा कल्पना बरदेल को तुलसीराम चौरिसया की फर्जी लडकी बनाकर फर्जी तरीको से खसरों में नाम दर्ज कराकर राकेश गुप्ता एवं अमन गुप्ता से सौदा तय होने पर प्लाट को अंशिका गुप्ता एवं संगीता केशवानी को बिक्री कर रजिस्ट्री करवाई गई । कल्पना बरदेल के पति बृदावन बरदेल ने रजिस्ट्री में गवाह के रूप में हस्ताक्षर किए। बृन्दावन बरदेल अच्छी तरह से जानता था कि तुलसीराम चौरसिया का निधन हो चुका है इसके बावजूद भी कल्पना बरदेल से अंशिका गुप्ता एवं संगीता केशवानी के नाम पर प्लाट की रजिस्ट्री में गवाह बनकर हस्ताक्षर किए है।
फर्जीवाड़ा कर कर डाली दूसरी रजिस्ट्री
इस फर्जी रिश्ते को ढाल बनाकर आरोपियों ने पहले तो सरकारी रिकॉर्ड में हेरफेर करने की कोशिश की और फिर 4 सितंबर 2025 को एक फर्जी व जाली विक्रय पत्र तैयार कर लिया। इस कूटरचित दस्तावेज के सहारे आरोपियों ने उक्त 1500 वर्ग फीट के प्लॉट को अशिका गुप्ता और संगीता केशवानी के नाम पर दोबारा बेचकर रजिस्ट्री करा दी। इस पूरे फर्जीवाड़े को अंजाम देने के लिए बाकायदा गवाह भी खड़े किए गए, जिसमें वृंदावन बरदेल ने मुख्य गवाह के तौर पर दस्तखत किए। पुलिस ने मोहित तिवारी, लखन नायक, अर्जुन शाहो, कल्पना बरदेल, वृन्दावन बरदेल के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है।
