नई दिल्ली। दिल्ली में BRICS का मंच सजा है… तस्वीरों में चीन के शी जिनपिंग हैं, रूस के व्लादिमीर पुतिन हैं, ईरान के राष्ट्रपति हैं… लेकिन इन तस्वीरों को देखने वाले लोगों के मन में एक सवाल जरूर है – आखिर मोदी के साथ मेलोनी और ट्रंप नजर क्यों नहीं आ रहे? और सवाल इसलिए भी दिलचस्प है… क्योंकि सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की मुलाकातें पहले ही खूब सुर्खियां बटोर चुकी हैं। दोनों की तस्वीरों और वीडियो को लेकर ‘Melodi’ नाम तक वायरल हो चुका है।
मई 2026 में तो ‘Melodi’ चर्चा में तब और बढ़ गई, जब प्रधानमंत्री मोदी ने मेलोनी को ‘Melody’ टॉफी का पैकेट गिफ्ट किया। इसके बाद दोनों की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए। जून में G7 के दौरान भी मेलोनी की मोदी के साथ बातचीत और ‘Melodi’ से जुड़ा सोशल मीडिया ट्रेंड चर्चा में रहा।
BRICS की इस बड़ी बैठक में मेलोनी क्यों नहीं?
दरअसल, वजह रिश्ते नहीं… BRICS की सदस्यता है।
इटली BRICS का सदस्य या मौजूदा पार्टनर देश नहीं है। अमेरिका भी BRICS का हिस्सा नहीं है। यही वजह है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी दिल्ली में हो रहे इस BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल नहीं हैं।
इसके उलट रूस और चीन BRICS के अहम सदस्य हैं… इसलिए पुतिन और शी जिनपिंग इस मंच पर मौजूद हैं। खास बात ये है कि शी जिनपिंग करीब सात साल बाद भारत आए हैं, और मोदी-शी मुलाकात पर पूरी दुनिया की नजर है। यानी सोशल मीडिया पूछ रहा है—‘Melodi कहां है?’ लेकिन कूटनीति का जवाब बिल्कुल अलग है।
BRICS के मंच पर भारत रूस और चीन के साथ वैश्विक अर्थव्यवस्था, व्यापार और बदलती विश्व व्यवस्था पर चर्चा कर रहा है… वहीं दूसरी तरफ अमेरिका और यूरोप के साथ अपने रणनीतिक रिश्तों को भी संतुलित कर रहा है। यानी तस्वीर में मोदी, शी और पुतिन हैं… तस्वीर के बाहर ट्रंप और मेलोनी। और यही BRICS 2026 में भारत की कूटनीति की सबसे दिलचस्प तस्वीर है।
