
इराक के सुरक्षा मीडिया प्रकोष्ठ ने एक बयान में कहा कि सुरक्षा अधिकारियों ने कई सीमा चौकियों पर “प्रशासनिक और सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाएं” लागू करना शुरू कर दिया है, जिसके तहत उन्हें अस्थायी रूप से बंद किया गया है। बयान में कहा गया कि अधिकारियों ने “कई आवश्यक कानूनी कदम” उठाने के साथ खुफिया जानकारी जुटाने, जांच और निरीक्षण तेज कर दिये हैं, ताकि सामने आये उल्लंघनों की परिस्थितियों का पता लगाया जा सके। प्रकोष्ठ ने कहा कि इन कदमों का उद्देश्य उचित समाधान तलाशना और भविष्य में ऐसी घटनाओं को दोबारा होने से रोकना है।
सुरक्षा मीडिया प्रकोष्ठ ने यह नहीं बताया कि किन सीमा चौकियों को बंद किया गया है, कौन से उल्लंघन सामने आये हैं या ये चौकियां कितने समय तक बंद रहेंगी। हालांकि, उसने पुष्टि की कि ईरान की सीमा पर स्थित जुर्बातिया और अल-मुंधिरिया सीमा चौकियां यात्रियों के आवागमन के लिए खुली हैं। ये कदम बगदाद की शुक्रवार को की गयी उस पुष्टि के एक दिन बाद उठाये गये हैं, जिसमें कहा गया था कि सऊदी अरब पर हमलों में इस्तेमाल किये गये ड्रोन दक्षिणी प्रांत मैसान से छोड़े गये थे।
प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, श्री अल-जैदी ने जोर देकर कहा कि सरकार “ऐसी किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं करेगी, जिससे इराक या मित्र देशों के साथ उसके संबंध खतरे में पड़ें।” उन्होंने इराकी क्षेत्र से इस तरह के हमले दोबारा न होने देने के लिए कदम उठाने की बगदाद की प्रतिबद्धता भी दोहरायी। यह घटनाक्रम यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों की बड़ी बढ़त के बीच सामने आया है, जिससे वैश्विक तेल परिवहन मार्गों पर दबाव बढ़ गया है। इस बीच अमेरिका-ईरान युद्ध सातवें महीने में प्रवेश कर चुका है।
सऊदी अरब ने शुक्रवार को कहा था कि उसकी ईस्ट-वेस्ट तेल पाइपलाइन को इराक से आये ड्रोन ने कई बार निशाना बनाया। हमलों में रियाद और मदीना क्षेत्रों को निशाना बनाया गया, जिससे कई लोग घायल हुए और संपत्ति को नुकसान पहुंचा। सऊदी विदेश मंत्रालय ने कहा कि इराकी प्रधानमंत्री के अनुरोध पर राज्य ने “इस चरण में जवाब नहीं देने” पर सहमति जतायी है और बगदाद को इराकी क्षेत्र से सऊदी अरब तथा पड़ोसी देशों के खिलाफ होने वाले हमलों को रोकने के लिए कदम उठाने का समय दिया है।
सऊदी अरब ने चेतावनी दी कि वह अपनी संप्रभुता, सुरक्षा, बुनियादी ढांचे, नागरिकों और निवासियों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने का अधिकार सुरक्षित रखता है। सऊदी ऊर्जा मंत्रालय ने कहा कि गुरुवार को हुए हमलों के बाद एहतियाती कदम के तौर पर ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन को बंद करना पड़ा। मंत्रालय ने कहा कि सऊदी अरब पड़ोसी देशों के खिलाफ इराक से शुरू किये जाने वाले “हमलों को रोकने” के लिए “इराकी सरकार के प्रयासों का समर्थन करेगा।” मंत्रालय ने कहा, “सऊदी अरब अपनी संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा करने, अपने प्रतिष्ठानों की सुरक्षा करने तथा अपने नागरिकों और निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने के अधिकार की पुष्टि करता है।”
