
नयी दिल्ली, 12 सितंबर (वार्ता) देश के जहाजरानी क्षेत्र में एक अभिवन प्रयोग के तहत सार्वजनिक क्षेत्र कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड ने संयुक्त अरब अमीरात की निजी कंपनी ड्राईडॉक्स वर्ल्ड दुबई के साथ मिलकर जहाज मरम्मत के लिए एक कंपनी बनाने के लिए शुक्रवार को एक करार किया।
इस करार के तहत कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड और ड्राईडॉक्स वर्ल्ड मिलकर एक संयुक्त उपक्रम बनायेंगे जो एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी होगी। यह संयुक्त उपक्रम कोचीन शिपयार्ड के कोच्चि स्थित मरम्मत केंद्र इंटरनेशनल शिप रिपेयर फैसिलिटी (आईएसआरएफ) का अधिग्रहण करेगा।
यह सौदा कम से कम 1,800 करोड़ रुपये का है जिसमें ड्राईडॉक्स वर्ल्ड से मिलने वाली आधी राशि कोचीन शिपयार्ड को मिलेंगे और शेष राशि के बदले उसे संयुक्त उपक्रम में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी मिलेगी।
गौरतलब है कि ड्राईडॉक वर्ल्ड संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की बहुराष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स कंपनी डीपी वर्ल्ड की इकाई है। इस समझौते पर यहां शुक्रवार रात आयोजित एक कार्यक्रम में ड्राईडॉक्स वर्ल्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राडो एंटोलोविक और कोचीन शिपयार्ड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक जोस वी.जे. ने हस्ताक्षर किये। इस मौके पर बंदरगाह, जहाजरानी एवं जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि इस समझौते के जरिये भारत जहाजरानी में अपने पुराने गौरव को आधुनिक प्रौद्योगिकी और वैश्विक साझेदारी के जरिये फिर से हासिल कर रहा है।
उन्होंने कहा कि इस संयुक्त उपक्रम से कोचीन शिपयार्ड को मरम्मत के लिए नये ग्राहक मिलेंगे और वैश्विक पहुंच हासिल होगी। शुरुआती चरण में सालाना 80 जहाजों की मरम्मत का लक्ष्य है। वर्क स्टेशनों की संख्या बाद में छह से बढ़ाकर सोलह करने की योजना है। इससे विदेशी मुद्रा भी आएगी और रोजगार भी बढ़ेगा।
श्री सोनोवाल ने कहा कि यदि सार्वजनिक कंपनी और विदेशी निजी कंपनी के बीच साझेदारी का यह मॉडल सफल रहता है तो देश में इसका दूसरी कंपनियों में भी विस्तार किया जाएगा।
श्री एंटोलोविक ने कहा कि कोचीन शिपयार्ड के पास स्थानीय जानकारी और कुशल कार्यबल है जबकि ड्राईडॉक वर्ल्ड के पास वैश्विक विशेषज्ञता और अत्याधुनिक तकनीक है। दोनों कंपनियां मिलकर आईएसआरएफ का विस्तार करेंगी। इस समझौते की नींव पिछले साल इंडिया मेरिटाइम वीक में रखी गई थी जब दोनों कंपनियों ने एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए थे। इसके तहत आईएसआरएफ के परिचालन की जिम्मेदारी ड्राईडॉक के पास होगी। साथ ही इस सुविधा के विस्तार की भी योजना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 जनवरी 2024 को इस सुविधा का उद्घाटन किया था और वाणिज्यिक कामकाज अगस्त 2024 में शुरू हुआ था।
भारत ने साल 2030 तक दुनिया के शीर्ष 10 जहाज निर्माण वाले देशों में और 2047 तक शीर्ष पांच देशों में जगह बनाने का लक्ष्य रखा है। यूएई सरकार में आधुनिक विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के सहायक विदेश मंत्री ओमरान शराफ अलहाशिमी ने कहा कि भारत और संयुक्त अरब अमीरात एक-दूसरे के बड़े व्यापारिक भागीदारों में रहे हैं। इस समझौते से दोनों देशों के लिए और अवसर खुलेंगे। कोचीन शिपयार्ड के निदेशकमंडल ने 09 सितंबर 2026 को इस सौदे को मंजूरी प्रदान की थी।
