नई दिल्ली। दुनिया की नजर इस वक्त दिल्ली पर है… भारत मंडपम में दुनिया की उभरती ताकतों के बड़े नेता एक मंच पर हैं… और इन नेताओं की सुरक्षा के लिए राजधानी में कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।
भारत की मेजबानी में 18वें BRICS शिखर सम्मेलन का आगाज हो चुका है। 12 और 13 सितंबर को होने वाले इस दो दिवसीय सम्मेलन में 11 BRICS सदस्य देश और 10 साझेदार देश शामिल हैं। यानी BRICS और उसके पार्टनर मिलाकर ये 21 देशों का बड़ा वैश्विक मंच बन चुका है।
भारत की 2026 BRICS अध्यक्षता की थीम है—‘लचीलेपन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण।’ इस सम्मेलन में वैश्विक अर्थव्यवस्था, व्यापार, ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन, आतंकवाद और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय व्यवस्था जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हो रही है।
भारत की अध्यक्षता के दौरान 25 से ज्यादा शहरों में 350 से अधिक बैठकें और उच्चस्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। अब दिल्ली का ये शिखर सम्मेलन इसकी सबसे अहम कड़ी है। लेकिन इस वक्त दिल्ली में सिर्फ कूटनीतिक हलचल नहीं… सुरक्षा भी सबसे बड़ी चुनौती है।
भारत मंडपम, विदेशी मेहमानों के होटल और उनके आवागमन वाले रास्तों पर बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया गया है। करीब 15 हजार पुलिसकर्मी और पैरामिलिट्री फोर्स की 200 कंपनियां तैनात हैं।
राजधानी में 700 से ज्यादा CCTV कैमरों से निगरानी की जा रही है। पांच कंट्रोल रूम बनाए गए हैं, जबकि एक विशेष कंट्रोल रूम से करीब 500 कैमरों की लाइव फीड पर नजर रखी जा रही है।
सिर्फ जमीन ही नहीं… सुरक्षा व्यवस्था में कमांडो, खुफिया एजेंसियां और एंटी-ड्रोन इंतजाम भी शामिल हैं। वीवीआईपी रूट पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और जरूरत के मुताबिक सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव किया जा रहा है। सुरक्षा में 100 से ज्यादा प्रशिक्षित स्निफर डॉग्स भी तैनात हैं। वहीं, नई दिल्ली की ऊंची इमारतों से भी संवेदनशील इलाकों और वीवीआईपी रूट पर नजर रखी जा रही है।
विदेशी नेताओं की आवाजाही के चलते दिल्ली के कई प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन और नियंत्रित आवाजाही लागू है। लोगों से यात्रा पहले से प्लान करने और जहां संभव हो, मेट्रो का इस्तेमाल करने की अपील की गई है।
और BRICS की इस बैठक पर इसलिए भी नजर है क्योंकि शुक्रवार को प्रधानमंत्री मोदी की राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात हो चुकी है… जबकि आज शी जिनपिंग के साथ मोदी की मुलाकात अहम मानी जा रही है।
यानी भारत मंडपम में हो रही ये बैठक सिर्फ नेताओं का जमावड़ा नहीं… बल्कि बदलती वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था और विश्व व्यवस्था की दिशा तय करने वाला बड़ा मंच है। और इस वक्त इस पूरे सम्मेलन का केंद्र है—दिल्ली।
