प्रमुख सचिव ने पूछा क्या बनोगी, जवाब मिला कलेक्टर

सीहोर। सरकारी स्कूल की कक्षा में जब स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. संजय गोयल ने विद्यार्थियों से पूछा कि वे भविष्य में क्या बनना चाहते हैं, तो कक्षा सातवीं की छात्रा भुवनेश्वरी लोधी ने पूरे आत्मविश्वास से जवाब दिया कलेक्टर बनना है. छात्रा के इस जवाब पर प्रमुख सचिव ने उसकी हौसला अफजाई की और कहा कि बड़ा लक्ष्य तय करने के साथ उसे हासिल करने के लिए निरंतर मेहनत और लगन भी जरूरी है.

प्रमुख सचिव डॉ. संजय गोयल शुक्रवार को सीहोर जिले की शिक्षा व्यवस्था का जायजा लेने निकले थे. उन्होंने शासकीय माध्यमिक शाला जहांगीरपुरा सहित विभिन्न स्कूलों और कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास का निरीक्षण किया. जहांगीरपुरा स्कूल में उन्होंने कक्षाओं में पहुंचकर विद्यार्थियों से संवाद किया और पढ़ाई से जुड़े सवाल पूछे. इसी दौरान कक्षा सातवीं के छात्र नरेश लोधी ने भी प्रमुख सचिव से सवाल किए. भुवनेश्वरी के जवाब ने निरीक्षण को खास बना दिया. प्रमुख सचिव ने छात्रा को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि लक्ष्य तय कर नियमित रूप से पढ़ाई करें और अपनी मेहनत जारी रखें. उन्होंने अन्य विद्यार्थियों को भी अपने भविष्य के लिए लक्ष्य निर्धारित करने और उसे हासिल करने के लिए पूरे मन से प्रयास करने के लिए प्रेरित किया. निरीक्षण की शुरुआत हाई स्कूल सेमली जदीद से हुई. यहां उन्होंने टीन शेड, शैक्षणिक व्यवस्थाओं और सुविधाओं का जायजा लिया. प्राचार्य शिवनारायण पटेल से विद्यालय की व्यवस्थाओं और विकास कार्यों की जानकारी ली तथा जरूरतों का फीडबैक लिया.

इसके बाद कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास का निरीक्षण किया. छात्राओं ने तिलक लगाकर उनका स्वागत किया. प्रमुख सचिव ने छात्राओं और स्टाफ से पढ़ाई, छात्रावास की सुविधाओं तथा आवश्यक संसाधनों को लेकर बातचीत की. इस दौरान कलेक्टर बालागुरु के., जिला पंचायत सीईओ सर्जना यादव, जिला शिक्षा अधिकारी शीलू शर्मा, डीपीसी आरआर उईके, जिला जेंडर प्रभारी फूलवती राठौर, बीआरसी अशोक वर्मा, गेंदराज विश्वकर्मा सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी एवं विद्यालयीन अमला मौजूद रहा.उधर, श्यामपुर के स्कूल में बच्चों की सेहत से खिलवाड़ के आरोप लगे हैं, शासकीय हाई स्कूल पीलूखेड़ी, संकुल चरनाल, अहमदपुर में विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. विद्यालय परिसर में पेयजल, शौचालय और साफ-सफाई की सामने आई स्थिति को लेकर ग्रामीणों और अभिभावकों ने नाराजगी जताई है. विद्यालय में विद्यार्थियों के लिए वाटर कूलर की व्यवस्था है, लेकिन वाटर कूलर में पानी पहुंचाने वाली टंकी खुली पड़ी है. टंकी पर ढक्कन नहीं होने से उसमें बारिश का पानी, धूल-मिट्टी और अन्य गंदगी जाने की आशंका बनी रहती है. कई विद्यार्थी हैंडपंप का पानी पीने को मजबूर हैं. इसी तरह विद्यालय के शौचालयों में गंदगी, टूटे कमोड और सामान बिखरा हुआ नजर आने की बात सामने आई है. परिसर में तंबाकू, बीड़ी, सिगरेट और गुटखे के रैपर मिलने से भी विद्यालय की स्वच्छता व्यवस्था पर सवाल उठे हैं. वहीं शौचालय और कमरों के आसपास मृत पक्षी पड़े होने की जानकारी भी सामने आई है. इससे विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और संक्रमण के खतरे को लेकर अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है. मामले की पड़ताल के दौरान विद्यालय की व्यवस्थाओं को लेकर संबंधित अधिकारियों, प्रभारियों और शिक्षकों से सवाल किए गए, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिलने का आरोप है. वहीं कवरेज के दौरान शिक्षक द्वारा मीडिया से अभद्रता करने का भी आरोप लगाया गया है. मीडियाकर्मी के अनुसार मोबाइल छीनने की धमकी देने और व्यक्तिगत डेटा डिलीट करवाने की बात कही गई है.

 

 

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