
वाशिंगटन, 11 सितंबर (वार्ता) अमेरिका में ट्रम्प प्रशासन के ‘ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट’ या कारोबारी नाकाबंदी के तहत ईरान से जुड़े कताइब हिजबुल्लाह , लेबनानी हिजबुल्लाह और आतंकवाद को वित्तपोषित करने वाली कंपनियों के एक बड़े नेटवर्क के खिलाफ नए कड़े प्रतिबंधों की घोषणा की है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय और वित्त मंत्रालय की ओर से जारी संयुक्त बयानों के अनुसार, यह कार्रवाई इराक, लेबनान, संयुक्त अरब अमीरात और तुर्की में सक्रिय उन वित्तीय और रसद नेटवर्कों को निशाना बनाकर की गई है, जो ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स-कुड्स फोर्स और उसके छद्म संगठनों को सैन्य उपकरण जुटाने, मनी लॉन्ड्रिंग करने और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से बचने में मदद करते हैं।
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि यह कार्रवाई ईरान के घटते संसाधनों और उसके सहयोगी आतंकी नेटवर्कों को अमेरिकी वित्तीय प्रणाली से पूरी तरह बेदखल करने के उद्देश्य से की गई है।
प्रतिबंधों के तहत कताइब हिजबुल्लाह के चार वरिष्ठ कमांडरों और सदस्यों – अली हसन फरहान अल-लामी, हुसैन अहमद हुसैन अल-धुहैबावी, मोहम्मद अमीन फाजिल अली अल-शेखली और कर्रार मोहम्मद कासिम अल-हरैशवी को नामजद किया गया है। अमेरिका का आरोप है कि इस गुट को इराक के पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज के बजट से 2.6 अरब डॉलर से अधिक का वार्षिक सरकारी धन मिलता है और इसने फरवरी 2026 से अमेरिकी और गठबंधन सेनाओं पर कई ड्रोन व रॉकेट हमले किए हैं।
इसके अलावा, इराक, यूएई और लेबनान स्थित हथियार डीलरों, दुबई की शम्स एंड बहर ट्रेडिंग कंपनी जैसी मुद्रा विनिमय फर्मों और तेल बिक्री से मिलने वाली राशि को हिजबुल्लाह तक पहुंचाने वाले वित्तीय बिचौलियों पर भी शिकंजा कसा गया है।
अमेरिका के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय ने ईरान से संबंधित अपनी लाइसेंसिंग नीति को और सख्त करते हुए कहा है कि केवल जीवन रक्षा और पर्यावरणीय सुरक्षा से जुड़े सीमित मामलों को छोड़कर ईरान से संबंधित आवेदनों को खारिज किया जाएगा। इसके साथ ही, अमेरिकी अधिकारियों ने ईरान से जुड़ी अवैध वित्तीय गतिविधियों की जानकारी देने वाले के लिए इनाम की भी घोषणा की है।
