
दमोह। जिले में भी सभी शासकीय बैंक शुक्रवार को कर्मचारियों की एक दिवसीय हड़ताल के चलते बंद रहे। इसलिए कोई भी लेनदेन का कार्य नहीं हुआ। अपनी दो सूत्री मांगों को लेकर यह सभी कर्मचारी हड़ताल पर थे। बैंक बंद होने से करीब 100 करोड़ का व्यापार प्रभावित हुआ है। इसके बाद दो दिन और बैंक बंद रहेंगे। क्योंकि शनिवार के बाद रविवार भी बैंक बंद रहता है। इसलिए इन तीन दिनों में लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा । शुक्रवार को जिन लोगों को बैंक की हड़ताल होने की जानकारी नहीं थी। वह बैंक पहुंचे, लेकिन उन्हें निराश होकर वापस लौटना पड़ा।
किल्लाई नाका स्थित स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया में पदस्थ सीनियर असिस्टेंट शैली शर्मा ने बताया कि हमारी दो प्रमुख मांगे हैं। इसी को लेकर पूरे देश के सभी शासकीय बैंक हड़ताल पर हैं। आज कोई भी काम बैंकों में नहीं हो रहा है। हमारी एक प्रमुख मांग है वेतन विसंगति जिसका निर्धारण होना बहुत जरूरी है। दूसरा है 5 दिन की बैंकिंग। पिछली बार हम लोगों ने हड़ताल की थी। तब हमें आश्वासन दिया गया था कि 5 दिन की बैंक का कार्य रहेगा, लेकिन आज तक इस पर कोई अमल नहीं हुआ। इसी के चलते शुक्रवार को पूरे देश में बैंकों की हड़ताल रही है। यदि इसके बावजूद भी हमारी मांगों को पूरा नहीं किया जाता तो सितंबर के महीने में ही तीन दिन की हड़ताल पर फिर से बैंक के सभी कर्मचारी चले जाएंगे। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को हड़ताल पर होने के बाद शनिवार रविवार को भी बैंक बंद रहेगा।
शैली शर्मा ने बताया कि इसमें करीब 100 करोड रुपए के आसपास का लेनदेन प्रभावित होगा, लेकिन सभी बैंक कर्मचारियों की मजबूरी है। उन्होंने बताया कि वेतन विसंगति सबसे महत्वपूर्ण है। इसलिए हमारी मांग है कि जो कर्मचारी जिस पोस्ट पर है उसे उसके हिसाब से ही उसका वेतन मिलना चाहिए। इसलिए वेतन का निर्धारण होना जरूरी है और 5 दिन की बैंकिंग का जो आसवासन हम लोगों को आरबीआई से मिला है उस पर भी विचार होना बहुत जरूरी है।
