नई दिल्ली। इमोजी अब डिजिटल बातचीत का महज सजावटी हिस्सा नहीं, बल्कि भावनाएं व्यक्त करने की एक नई भाषा बन चुके हैं। कभी इन्हें बचकाना या चलन भर माना जाता था, लेकिन आज परिवार से दोस्तों तक हर तरह की चैट में इनका इस्तेमाल आम हो गया है। मुस्कान, झिझक, नाराजगी, हैरानी, खुशी या दुख—लगभग हर भाव के लिए फोन की स्क्रीन पर एक इमोजी मौजूद है।
इमोजी की शुरुआत जापान में हुई और 2010 में गूगल तथा एप्पल की ओर से यूनिकोड स्टैंडर्ड में इन्हें शामिल किए जाने के बाद इनकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ी। 2015 में ऑक्सफोर्ड इंग्लिश डिक्शनरी ने ‘फेस विद टीयर्स ऑफ जॉय’ इमोजी को अपना वर्ड ऑफ द ईयर चुना। परिवार की बातचीत में मुस्कान और प्यार जताने वाले इमोजी माहौल को हल्का बनाते हैं, जबकि दोस्तों की चैट में मजाक और शरारत का रंग बढ़ाते हैं।
‘फोल्डेड हैंड्स’ और ‘हेलो’ जैसे इमोजी भी अलग-अलग पीढ़ियों में लोकप्रिय हैं, हालांकि उनके अर्थ की व्याख्या संदर्भ के अनुसार बदल सकती है। स्मार्टफोन और सोशल मीडिया के विस्तार के साथ इमोजी के साथ GIF भी डिजिटल बातचीत का अहम हिस्सा बन गए हैं। कम शब्दों में ज्यादा भाव व्यक्त करने की क्षमता ने इमोजी को डिजिटल संस्कृति में स्थायी जगह दिला दी है। यह महज गुजरता हुआ ट्रेंड नहीं, बल्कि संवाद का नया अंदाज बन चुका है।
