
उन्होंने कहा कि छात्राओं को ऑनलाइन उत्पीड़न, सोशल मीडिया के दुरुपयोग, साइबर ठगी और अन्य डिजिटल अपराधों से बचाव के उपायों की जानकारी दी जानी चाहिए। साथ ही, किसी घटना के सामने आने पर शिकायत कहां और किस तरह दर्ज करायी जाये, इसकी भी जानकारी उपलब्ध करायी जानी चाहिए। उन्होंने बालिकाओं को पॉस्को अधिनियम के प्रावधानों और यौन अपराधों से सुरक्षा के लिए उपलब्ध कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने पर भी जोर दिया। उन्होंने आयोग से स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता अभियान चलाने तथा शोषण या उत्पीड़न की स्थिति में उपलब्ध सहायता और शिकायत तंत्र की जानकारी बालिकाओं तक पहुंचाने को कहा। मुख्यमंत्री ने सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी टीकाकरण को लेकर भी जागरूकता बढ़ाने की जरूरत बतायी।
उन्होंने कहा कि वंचित और जरूरतमंद वर्गों की पात्र किशोरियों तक निःशुल्क एचपीवी टीकाकरण की जानकारी और सुविधा पहुंचाना प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके लिए आयोग को संबंधित विभागों के साथ समन्वय बढ़ाने की सलाह दी गयी। मुख्यमंत्री ने घरेलू हिंसा, मानव तस्करी, यौन शोषण और उत्पीड़न जैसी शिकायतों के लिए महिलाओं को सरल और भरोसेमंद व्यवस्था उपलब्ध कराने की आवश्यकता जतायी। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन शिकायत प्रणाली ऐसी होनी चाहिए, जिसमें महिलाएं आसानी से अपनी शिकायत दर्ज करा सकें और उसके निस्तारण की स्थिति की जानकारी भी उन्हें मिलती रहे। उन्होंने आयोग की कार्यप्रणाली को महिलाओं की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप बनाने तथा शिकायतों के निस्तारण में संवेदनशीलता और तत्परता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
