विधायक निलेश उइके ने भी जमकर खेली गोटमार

पांढुरना,अपने मृदभाषी,धार्मिक,सांस्कृति,सादगी वाले स्वभाव के चलते हर किसी आयु वर्ग के लोगों के चहिते क्षेत्रिय विधायक निलेश उइके ने शुक्रवार को नगर के आयोजित विश्व प्रसिध्द गोटमार मेले में पहुंचकर खिलाडिय़ों का उत्साह बढ़ाने के साथ जमकर पत्थबाजी कर गोटमार भी खेली तथा इसका लुफ्त उठाया। विधायक को अपने साथ गोटमार खेलता देख दोनों ही पक्ष के लोग बहुत अधिक उत्साहित दिखाई दे रहे थे।

उल्लेखनीय हो कि अपने सरल तथा मिलनसार स्वभाव के चलते निलेश उइके की क्षेत्रवासियों में अपनी एक अलग ही छबी बनी हुई,यह हर किसी आयु वर्ग के लोगों में इस तरह घुल मिल जाते है मानो यह इनके पुराने सहपाठी साथी ही हो,क्षेत्र से किसी भी गांव या नगर में से होकर गुजरने के दौरान इन्हें कभी भी कोई धार्मिक आयोजन होता दिखाई देता है तो यह उस आयोजन में शामिल होने के साथ ही इस तरह रंग में रंग जाते है और वहीं के वाद्य यंत्र कभी ढोलक तो कभी बैंजो बजाते हुए भजन कीर्तन कर प्रभू के गुणगान करते तो कभी संगीतमय भजन कीर्तन कर प्रभु की धुन पर भक्तजनों के साथ ताल में ताल मिलकर नाचते है । अपने मधुर तथा शीतल स्वभाव के चलते वह क्षेत्रवासियों के सबसे चहेते विधायक बने हुए है।

यहां तक की इस गोटमार मेले को कई अधिकारी तथा जनप्रतिनिधि तक बंद कराने के पक्ष में रहते है,लेकिन विधायक निलेश उइके द्वारा इस गोटमार मेले को सदियों से चली आ रहीं परंपरा के अनुसार ही मनाएँ जाने के पक्ष में रहे है। यहां तक की आज शुक्रवार को स्वयं विधायक निलेश उइके ने गोटमार स्थल पर पहुचंकर गोटमार खेलने वाले खिलाडिय़ों को उत्साह बढ़ाने हेतू कई घंटे तक जमकर पत्थरबाजी भी कि इस दौरान विधायक को अपने बीच गोटमार खेलता देख विशेषकर युवा खिलाडी बहुत अधिक उत्साहित दिखाई दे रहे थे । इसके बाद इन्होंने मेला स्थल पर घूमते हुए लोगों से बात की इस दौरान कई लोगों ने अपनी-अपनी समस्या भी इन्हें बताई,जिसे ध्यान से सुनते हुए इसका निराकरण करने का भी आश्वासन दिया ।

Next Post

6 दिन बाद पकड़ाया मगरमच्छ, वन विभाग ने सुरक्षित परियट नदी में छोड़ा

Fri Sep 11 , 2026
जबलपुर। सामान्य वन मंडल जबलपुर अंतर्गत वन परिक्षेत्र पनागर अंतर्गत ग्राम भरदा के द्वारका परिसर के समीप जलभराव वाले खाली प्लॉट में गत 5 तारीख को देखे गए मगरमच्छ को वन विभाग की टीम ने 6 दिन बाद शुक्रवार को सुरक्षित रूप से रेस्क्यू कर परियट नदी में उसके प्राकृतिक […]

You May Like