पांढुरना। शुक्रवार को सदियों पुरानी परंपरा के अनुसार सूर्योदय से पहले ही सावरगांव और पांढुरना पक्ष के लोगों की मौजूदगी में गोटमार स्थल जाम नदी के बीचों-बीच पलाश वृक्ष रूपी झंडा लगाया गया। सुबह 7 बजे से 10:20 बजे तक नगर सहित दूर-दराज के गांवों से महिलाओं, पुरुषों, बुजुर्गों और बच्चों समेत सैकड़ों लोगों ने गोटमार स्थल पहुंचकर नदी के बीच लगे झंडे तथा किल्ले पर स्थित मां चंडिका मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की। मौसम साफ रहने से नगर सहित जिले के दूर-दराज गांवों, पड़ोसी बैतूल, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर जिलों के साथ ही सीमावर्ती महाराष्ट्र के नागपुर व अमरावती से भी बड़ी संख्या में लोग गोटमार पर्व देखने और खेलने पहुंचने लगे हैं।
मेले को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए गोटमार स्थल सहित नगर में जगह-जगह भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और पूरा नगर पुलिस छावनी में तब्दील है। जिला कलेक्टर नीरज कुमार वशिष्ठ और जिला पुलिस अधीक्षक चंद्रप्रकाश परिहार खुद राम मंदिर परिसर से मोर्चा संभालते हुए अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देश दे रहे हैं।
