
नयी दिल्ली, 11 सितंबर (वार्ता) बैंक कर्मचारियों की हड़ताल से शुक्रवार को बैंकों में कामकाज बुरी तरह प्रभावित हुआ, विशेष रूप से सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की शाखाओं पर ताले लटके मिले जिससे ग्राहकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (यूएफबीयू) के आह्वान पर आज बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों के सात यूनियन हड़ताल पर हैं। देश भर में बैंक कर्मचारियों ने हड़ताल में हिस्सा लिया और जगह-जगह धरना-प्रदर्शन किए। विशेष रूप से सार्वजनिक के बैंकों की शाखाओं में ताले लटके मिले , हालांकि एटीएम खुले थे। निजी बैंकों में यूनियन के सदस्य कर्मचारियों की संख्या कम होने के कारण असर कम देखने को मिला। वहीं, सार्वजनिक बैंकों में कामकाज पूरी तरह ठप होने के कारण क्लियरिंग में दिक्कत आ रही है।
अखिल भारतीय बैंक कर्मचारी संघ (एआईबीईए) के महासचिव सी.एच. वेकटचलम ने बताया कि देश भर में आठ लाख बैंक कर्मचारी हड़ताल पर हैं। उनकी मांग है कि बैंकों में पांच दिन का सप्ताह हो और प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना की समीक्षा की जाये।
आज बैंक बंद होने से लगातार तीन दिन तक लोगों को बैंकिंग सेवाओं से विंचित रहना पड़ेगा। शनिवार 12 सितंबर को महीने का दूसरा शनिवार होने के कारण अवकाश रहे जबकि रविवार को साप्ताहिक छुट्टी है।
इससे पहले, देश के सबसे बड़ ऋणदाता भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने 09 सितंबर को ही ग्राहकों के लिए मशविरा जारी कर नकदी की जरूरतों के लिए एटीएम और ग्राहक सेवा केंद्रों का उपयोग करने की सलाह दी थी। साथ ही ग्राहकों को इंटरनेट बैंकिंग, योनो ऐप, मोबाइल बैंकिंग, यूपीआई और अन्य डिजिटल चैनलों को प्राथमिकता देने की अपील की थी। यूएफबीयू ने बताया है कि पहले चरण में आज एक दिन की हड़ताल की जा रही है। इसके बाद भी मांगें पूरी नहीं होने पर दूसरे चरण में 28-30 सितंबर तक तीन दिन की हड़ताल और तीसरे चरण में 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की जायेगी।