
सीधी । हिरन नदी भूमि की जांच के लिये दल गठित हो चुका है। जिला व्यापारी संघ सीधी अध्यक्ष ने हिरन नदी को अतिक्रमण मुक्त कराने कलेक्टर को पत्र लिखा था। कलेक्टर के निर्देश पर चार सदस्यीय दल गठित किया गया है।
जिला शहरी विकास अभिकरण जिला सीधी की ओर से अपर कलेक्टर द्वारा जारी पत्र क्रमांक 122/डूडा/2026 दिनांक 4 जून 2026 में हिरन नदी के भूमि एवं अतिक्रमण की जांच के लिये 4 सदस्यीय दल गठित किया गया है। जांच दल में उपखण्ड अधिकारी गोपदबनास सीधी, कार्यपालन यंत्री जल संसाधन क्रमांक 01 जिला सीधी, मुख्य नगर पालिका अधिकारी सीधी एवं तहसीलदार गोपदबनास सीधी को शामिल किया गया है। पत्र में कहा गया है कि जिला व्यापारी संघ सीधी के अध्यक्ष लालचंद गुप्ता द्वारा आवेदन प्रस्तुत कर कहा गया है कि दशकों पूर्व हिरन नदी सीधी शहर की जीवनदायिनी नदी रही है, जो करीब 60-70 फिट चौड़ी थी। दिनोंदिन अतिक्रमणकारियों के चलते नदी सिकुड़ कर नाला में तब्दील हो गई है। शासन के जल गंगा संवधन अभियान के तहत हिरन नदी को पुनर्जीवित करने म.प्र. शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल द्वारा नदी के उद्गम स्थल जोरा पहरी में पूजा कर स्थानीय प्रशासन को हिरन नदी को सीधी शहर में अतिक्रमण मुक्त करने हेतु निर्देशित किया गया था। म.प्र. शासन के राजपत्र दिनांक 31 मार्च 2023 के क्रमांक 6.6 संवेदनशील क्षेत्रों हेतु नियमन संख्या 2 सूखा एवं हिरन नदी तथा तालाब के किनारे न्यूनतम 15 मीटर क्षेत्र खुल रखने का उल्लंघन कर भवन निर्माण किया गया है। संयुक्त टीम को वस्तुस्थिति का परीक्षण कर कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये हैं।
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जांच दल की जांच में नये अतिक्रमण भी होंगें शामिल
जांच दल की जांच में शहर के नये अतिक्रमणों की भी जांच को शामिल किया गया है। जल संसाधन क्रमांक 01 द्वारा हिरन एनीकेट नहर निर्माण में ग्राम कोतरकला डैनिहा की अर्जित भूमि चकदही बांध कोटहा नगर एवं सीधी कला की अधिग्रहित भूमि को जिला प्रतिकर म.प्र. शासन द्वारा भुगतान किया जा चुका है। जिसे म.प्र. शासन के स्वामित्व में दर्ज कराये जाने की शिकायत की गई है। इनका निराकरण भी किया जाना है।
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नदी की निर्धारित सीमा में बिना अनुमति के बने भवन पर होगी कार्यवाही
नदी की निर्धारित सीमा में बने भवनों पर भी संयुक्त जांच दल को कार्यवाही सुनिश्चित करना है। नदी के अतिक्रमणों को लेकर उच्च न्यायालय जबलपुर में डब्ल्यूपी नं.18088/2025 जनहित याचिका दायर है। जिसमें बिना अनुमति नदी के निर्धारित सीमा में बिना अनुमति के बनाये गये भवनों पर कार्यवाही की मांग की गई है। संयुक्त जांच दल द्वारा इस पर भी कार्यवाही की जायेगी।
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हिरन नदी का अस्तित्व बचाने सार्थक प्रयास की दरकार: लालचंद
जिला व्यापारी संघ सीधी अध्यक्ष लालचंद गुप्ता ने कहा कि सीधी शहर की जीवनदायिनी हिरन नदी भू-माफियाओं एवं अतिक्रमणकारियों के चलते अपना अस्तित्व खो रही थी। जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत हिरन नदी को अतिक्रमण मुक्त करा पुनर्जीवित करने नवभारत द्वारा चलाए जा रहे हिरन नदी बचाओ अभियान की पहल को सफल बनाने मेरे द्वारा गत दिनों कलेक्टर सीधी विकास मिश्रा से मुलाकात कर तत्थ एवं प्रमाण सहित पत्र लिखकर हिरन नदी को अतिक्रमण मुक्त करा सौंदर्यीकरण कराने एवं हिरन एनीकेट नहर निर्माण के लिए अधिग्रहित भूमि को म.प्र. शासन के स्वामित्व में कराने की मांग की गई थी। जिसे कलेक्टर द्वारा गंभीरता से लेते हुए स्वयं स्थल का निरीक्षण कर जांच दल गठित किया गया। मेरा कहना है कि गठित जांच दल द्वारा निष्पक्ष जांच कर प्रशासन को हिरन नदी का अस्तित्व बचाने सार्थक प्रयास किया जाना चाहिए।
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