नई दिल्ली, यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) और ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन (AIBEA) के आह्वान पर बुलाई गई देशव्यापी एक दिवसीय बैंक हड़ताल के कारण आज सरकारी बैंकों की सेवाएं भारी रूप से प्रभावित हुई हैं। हफ्ते में पांच दिन कार्य दिवस (5-दिन वर्क वीक) लागू करने और अन्य लंबित मांगों को लेकर करीब 9 लाख बैंक कर्मचारी और अधिकारी हड़ताल पर हैं, जिससे असम से लेकर गुजरात और मध्य प्रदेश तक सरकारी बैंकों की शाखाओं में ताले लटके नजर आए। हालांकि, इस राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन का असर निजी (प्राइवेट) बैंकों पर बिल्कुल नहीं पड़ा है और वे सामान्य दिनों की तरह सुचारू रूप से काम कर रहे हैं।
डिजिटल बैंकिंग और यूपीआई सेवाएं रहीं पूरी तरह सामान्य, मध्य प्रदेश और राजकोट में दिखा हड़ताल का व्यापक असर
शाखाओं में कर्मचारियों के न होने के कारण नकदी जमा, निकासी, चेक क्लीयरेंस और प्रशासनिक कार्य पूरी तरह ठप रहे, जिससे अकेले मध्य प्रदेश में करीब 7,000 शाखाओं में कामकाज रुकने से लगभग 5,500 करोड़ रुपये के दैनिक कारोबार पर असर पड़ा है। हालांकि, राहत की बात यह है कि ग्राहकों की सुविधा के लिए इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और यूपीआई (UPI) जैसी डिजिटल सेवाएं पूरी तरह सामान्य रूप से चालू हैं। बैंक ऑफ बड़ौदा और पंजाब नेशनल बैंक (PNB) सहित कई प्रमुख सरकारी बैंकों ने पहले ही एडवाइजरी जारी कर ग्राहकों को वैकल्पिक डिजिटल चैनलों का उपयोग करने की सलाह दी थी।
मांगें पूरी न होने पर सितंबर के अंत में तीन दिन की हड़ताल की चेतावनी, अक्टूबर से अनिश्चितकालीन आंदोलन का ऐलान
AIBEA के जनरल सेक्रेटरी सीएच वेंकटचलम ने इस राष्ट्रव्यापी हड़ताल को पूरी तरह सफल बताते हुए कहा कि मार्च 2024 के समझौते के बावजूद सरकार द्वारा पांच दिन के बैंकिंग सप्ताह को अभी तक मंजूरी नहीं दी गई है, जिसके विरोध में यह कदम उठाया गया है। कर्मचारी संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें जल्द नहीं मानी गईं, तो आगामी 28, 29 और 30 सितंबर को लगातार तीन दिनों तक फिर से हड़ताल की जाएगी और इसके बाद भी समाधान न निकला तो 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी।

