
इंदौर. कृषि उपज मंडी समिति इंदौर में चालू वित्तीय वर्ष के शुरुआती महीनों में राजस्व में लगातार गिरावट दर्ज की गई. उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार फरवरी से अप्रैल तक तीनों महीनों में मंडी की आय पिछले वर्ष की समान अवधि से कम रही. बाद के महीनों में राजस्व में वृद्धि जरूर दर्ज हुई है, लेकिन पूरे वित्तीय वर्ष का प्रदर्शन अभी सामने आना बाकी है.
मंडी बोर्ड भोपाल ने 1.5 प्रतिशत मंडी शुल्क के आधार पर इंदौर मंडी के लिए 118 करोड़ रुपये का वार्षिक राजस्व लक्ष्य तय किया है. मंडी समिति ने इससे अधिक 120 करोड़ रुपये का लक्ष्य निर्धारित किया है. प्रबंधन के अनुसार 7 सितंबर तक करीब 35 करोड़ रुपये की आय हुई है. पीक सीजन में 70 से 80 करोड़ रुपये अतिरिक्त राजस्व मिलने का अनुमान लगाया गया है. इस अनुमान के आधार पर मंडी प्रबंधन लक्ष्य हासिल होने की उम्मीद जता रहा है. आंकड़ों के मुताबिक फरवरी में मंडी का राजस्व पिछले वर्ष की तुलना में 27.04 प्रतिशत कम रहा. मार्च में 21.96 प्रतिशत और अप्रैल में 22.79 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई. मई में स्थिति लगभग बराबर रही और आय में केवल 0.74 प्रतिशत की वृद्धि हुई. जून में 10.21 प्रतिशत, जुलाई में 87.41 प्रतिशत और अगस्त में 102.72 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई. सितंबर के उपलब्ध आंकड़ों में 64.62 प्रतिशत वृद्धि बताई गई है. आवक में भी शुरुआती महीनों में गिरावट रही. फरवरी में 1.40 प्रतिशत वृद्धि के बाद मार्च में 17.57 प्रतिशत और अप्रैल में 7.37 प्रतिशत की कमी दर्ज हुई. मई में 33.97 प्रतिशत वृद्धि के बाद जून में 1.93, जुलाई में 12.04 और अगस्त में 1.18 प्रतिशत की वृद्धि हुई. हालांकि, राजस्व लक्ष्य हासिल होने या व्यवस्थागत बदलावों के कारण आय में वृद्धि होने का अंतिम आकलन वित्तीय वर्ष के पूर्ण आंकड़े सामने आने के बाद ही किया जा सकेगा.
बदलवा की जानकारी प्रबंधन को दी
मंडी सचिव ओ पी खेड़े ने बताया कि राजस्व और आवक में सुधार के साथ कर्मचारियों की ड्यूटी में बदलाव, रोटेशन व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की जानकारी दी है. लापरवाही और अवैध वसूली की शिकायतों पर नोटिस जारी करने की बात भी कही गई है. वहीं, फल एवं सब्जी मंडी में 100 मीट्रिक टन तौल कांटे के लिए 9 सितंबर को लेआउट जारी किया गया है. इसे अनंत चतुर्दशी तक शुरू करने का लक्ष्य बताया गया है. मंडी में आरओ वाटर, सफाई, शौचालय और कृषक भवन से जुड़ी सुविधाओं में बदलाव किए जाने की जानकारी भी प्रबंधन ने दी है.
