
परसवाड़ा, कृषि प्रधान ग्रामीण क्षेत्रों में पोला पर्व पारंपरिक श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर परसवाड़ा क्षेत्र के साथ ही ग्राम चीनी में धुम धाम से मनाया पोला त्यौहार, ग्रामीणों ने अपने बैलों को स्नान कराकर आकर्षक ढंग से सजाया और विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की।
पोला पर्व किसानों और पशुधन के प्रति सम्मान का प्रतीक माना जाता है। बैलों को कृषि कार्य में महत्वपूर्ण सहयोगी मानते हुए ग्रामीणों ने उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। पूजा के बाद गांव में सजे-धजे बैलों को दौड़ाने की पारंपरिक प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हुए।
बैलों की दौड़ के दौरान ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिला। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने पर्व का आनंद लिया। कई स्थानों पर ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक उत्सव के बीच पोला पर्व मनाया गया।
ग्राम के ही पुलिस पटेल ने बताया कि पोला पर्व हमारी कृषि संस्कृति, परंपरा और पशुधन के प्रति सम्मान को दर्शाता है। बदलते समय के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी इस पर्व की परंपराएं उत्साहपूर्वक निभाई जा रही हैं।
यह कार्यक्रम में समस्त ग्राम चीनी के ग्राम वासी मौजूद रहे।
