
भोपाल। स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे इंटर्न डॉक्टरों पर वाटर कैनन के इस्तेमाल का मामला अब बड़ा मुद्दा बन गया है। 7 सितंबर को हमीदिया अस्पताल के पास प्रदर्शन कर रहे मेडिकल इंटर्न और छात्रों पर पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया था। मामले को गंभीरता से लेते हुए मध्यप्रदेश सरकार ने अब प्रशासनिक जांच के आदेश दिए हैं। गृह विभाग की सचिव श्रीमती शिल्पा गुप्ता को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।
जांच में मुख्य तौर पर दो बिंदुओं पर फोकस रहेगा। पहला, क्या प्रदर्शन के दौरान पुलिस या प्रशासन की ओर से आवश्यकता से अधिक बल का इस्तेमाल किया गया था। दूसरा, अगर जांच में बल प्रयोग अनुपातहीन पाया जाता है, तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों की पहचान कौन-कौन हैं।
सरकार ने जांच अधिकारी को एक सप्ताह के भीतर जांच प्रतिवेदन राज्य शासन को सौंपने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद जांच रिपोर्ट के आधार पर सरकार आगे की कार्रवाई को लेकर फैसला ले सकती है।
गृह विभाग के आदेश के मुताबिक, जांच अधिकारी घटना से जुड़े सभी तथ्यों और परिस्थितियों की जांच करेंगी। इसमें प्रदर्शन के दौरान की गई पुलिस कार्रवाई, वाटर कैनन के इस्तेमाल और बल प्रयोग की आवश्यकता समेत संबंधित अधिकारियों की भूमिका को देखा जाएगा। मामले में पुलिस विभाग और चिकित्सा शिक्षा विभाग से जुड़ी जानकारी भी जांच का अहम हिस्सा होगी।
