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रीवा, 10 सितम्बर, झमाझम बारिश के चलते शहर की सडक़ों के परखच्चे उड़ गये है. जगह-जगह सडक़ गढ्डो में तब्दील हो चुकी है. रतहरा-चोरहटा माड़ल सडक़ की हालत लगातार खराब हो रही है. बाईपास के बजाय भारी वाहन रात भर शहर से गुजरते है, जिसके कारण सडक़ की हालत और खराब होती जा रही है.
एक ओर जहा सडक़ को नुकसान हो रहा है वही हादसे का भी खतरा बढ़ गया है. रात भर भारी वाहन पीटीएस, गुढ़ चौराहा, सिरमौर चौराहा एवं माडल सडक़ से गुजरते है. सीधी-सिंगरौली जाने वाले वाहन सीधे जयस्तंभ होते हुए शहर के बीच से गुढ़ चौराहा पहुंचते है और उसके बाद गुढ़ हाइवे में मिल जाते है. इसी तरह यूपी जाने वाले वाहन माडल सडक़ से गुजरते है. इसी तरह सिरमौर मार्ग में भी भारी वाहन दौड़ते है. हालाकि इसमें वाहनों की संख्या कम है. शहर के अंदर से गुजरने वाले भारी वाहनों के अलावा भोपाल, इंदौर, नागपुर, बनारस जाने वाली बसें भी शामिल है. नो-इंट्री रात 11 बजे हटती है लेकिन बाईपास से वाहन रात 10 बजे से ही गुजरने लगते है जबकि शहर में इस समय भीड़ होती है. ऐसे में दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है. रात 10 बजे के बाद से गिट्टी लोड़ भारी वाहनों की धमाचौकड़ी शुरू हो जाती है जो सुबह 7 बजे तक जारी रहती है. शहर की सडक़ो का खस्ताहाल होने के कारण भारी वाहनों का गुजरना है. बाईपास में काम चलने के कारण वाहन चालक शहर के अंदर से वाहनों को निकालते है. दरअसल निर्माण के कारण बाईपास में जाम भी लगता है. शहर की सडक़ों के गढ्डे भरने शुरू हो गये है. मौसम खुलने के बाद निर्माण एजेंसी माडल रोड़ का मरम्मत कर रही है. थाना प्रभारी निमिषा शर्मा ने बताया कि शहर के अंदर नो-इंट्री के बाद ही भारी वाहनों का प्रवेश होता है. रात 11 बजे के पहले केवल बसें प्रवेश करती है भारी वाहन नही गुजरते है. अगर कोई वाहन प्रवेश करता भी है तो उसके खिलाफ चालान की कार्यवाही की जाती है.
