
इंदौर. साइबर ठगी की शिकायत के बाद शुरुआती कार्रवाई में देरी न हो, इसके लिए जोन 2 पुलिस ने थानों की साइबर टीमों को सक्रिय करने की कवायद शुरू की है. कंट्रोल रूम में हुई बैठक में अधिकारियों ने लंबित शिकायतों की समीक्षा के साथ पीड़ितों को तत्काल मदद दिलाने और साइबर हेल्प डेस्क की निगरानी बढ़ाने पर जोर दिया.
बैठक में अधिकारियों ने थानों में आने वाली साइबर अपराध की शिकायतों पर कार्रवाई की स्थिति की समीक्षा की. जिन मामलों में कार्रवाई लंबित है, उनका समय पर निराकरण करने के लिए संबंधित टीमों को कहा. खासकर ठगी के बाद रकम फ्रीज कराने और अन्य जरूरी कार्रवाई में समय का महत्व समझाया. वहीं साइबर अपराध से जुड़ी शिकायतों की जानकारी और कार्रवाई के लिए इस्तेमाल होने वाले जीआरएम, समन्वय, सीईआईआर, सहयोग और एनसीआरपी पोर्टल के इस्तेमाल की प्रक्रिया भी टीमों को समझाई. मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से जुड़े मामलों में सीईआईआर सहित संबंधित पोर्टल पर कार्रवाई करने की जानकारी दी गई. बैठक में एडीसीपी जोन 2 अमरेंद्र सिंह, एसीपी परदेशीपुरा हिमानी मिश्रा और एसीपी अपराध शाखा तुषार मौजूद रहे. जोन 2 के सभी थानों की साइबर टीमों के अधिकारी-कर्मचारियों ने इसमें हिस्सा लिया.
