
सिंगरौली । सिंगरौलिया हवाई पट्टी को हवाई अड्डे के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ा है। हवाई यातायात के संचालन के लिए आवश्यक सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं में शामिल ओएलएस सर्वे का कार्य पूरा कर लिया गया है।
भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण नई दिल्ली की चार सदस्यीय टीम ने 3 सितंबर को सिंगरौली पहुंचकर सर्वे कार्य शुरू किया था। टीम ने लोक निर्माण विभाग सिंगरौली के अधिकारियों के साथ हवाई पट्टी के चारों ओर विस्तृत सर्वेक्षण किया। सर्वे के दौरान आसपास मौजूद संभावित अवरोधों और ऊंचाई वाले स्थानों की तकनीकी जानकारी जुटाई गई। इसमें शासन पावर कंपनी की चिमनियों के साथ तियरा, काम, सिंगरौलिया, कटौली, खुटार, अमलोरी, बनौली सहित आसपास के क्षेत्रों को शामिल किया गया। इसके अलावा एनटीपीसी की ऊंची चिमनियों तथा एनसीएल के ओवरबर्डन से बने ऊंचे पहाड़ों के उच्चतम स्थानों का भी सर्वे किया गया।
राज्य सरकार को सौपी जाएगी रिपोर्ट
शहर में स्थित ऊंचे भवनों और अन्य संभावित अवरोधों की ऊंचाई का डाटा भी एकत्रित किया गया। चार सदस्यीय एएआई टीम आज बुधवार को सर्वे कार्य पूरा करने के बाद नई दिल्ली रवाना हो गई। अब सर्वे से जुटाए गए तकनीकी आंकड़ों के आधार पर रिपोर्ट तैयार कर राज्य शासन को उपलब्ध कराई जाएगी। इसके बाद सिंगरौलिया हवाई पट्टी को एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने की आगामी प्रक्रिया को गति मिलने की उम्मीद है। सर्वे कार्य में एएआई नई दिल्ली की टीम के सदस्य अशोक तिर्की, मुकेश, योगेंद्र कुमार और आशीष गुप्ता के साथ लोक निर्माण विभाग की कार्यपालन यंत्री तेजस्वनी शुक्ला, सहायक यंत्री संजय श्रीवास्तव एवं देवेश नामदेव का विशेष योगदान रहा।
