
सागर। बंडा क्षेत्र के संदिग्ध जहरीली शराब कांड में आरोपी बनाए गए राम सिंह लोधी की बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज सागर में इलाज के दौरान मौत हो गई। बताया जा रहा है कि राम सिंह ने भी वही संदिग्ध शराब पी थी, जिसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई थी। गंभीर हालत में उसे बंडा से सागर रेफर किया गया था। मामले में पुलिस शराब की सप्लाई और नेटवर्क की जांच कर रही है। बंडा प्रकरण में 20 नामजद आरोपियों में से 10 की गिरफ्तारी हो चुकी है। इस प्रकार जहरीली शराब के सेवन से अब तक 32 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।
इधर, विनायका थाने में दर्ज प्रकरण में राम सिंह लोधी समेत अन्य लोगों के नाम सामने आए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि संबंधित शराब कहां से आई, इसे किसने उपलब्ध कराया और गांवों तक इसकी सप्लाई किन लोगों के माध्यम से हुई। मामले की जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि बंडा और आसपास के गांवों में संदिग्ध शराब की बिक्री का नेटवर्क एक से अधिक स्थानों तक फैला हुआ था। बंडा थाने में दर्ज प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता की धारा 105, 3(5), 123 तथा मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम की धारा 49-ए के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस ने बंडा थाना क्षेत्र के प्रकरण में 20 नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था और उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
वहीं विनायका थाना क्षेत्र में दर्ज अलग प्रकरण में भी लाइसेंसी शराब ठेकेदार समेत कई लोगों के नाम सामने आए हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार पाटन और आसपास के इलाकों से शराब की बिक्री और सप्लाई से जुड़े आरोपों की जांच की जा रही है।
