ग्वालियर: निर्माणाधीन रेलवे स्टेशन की छतों पर पानी भरने एवं अन्य तकनीकी खामियों की जाँच के तकनीकी समिति के माध्यम से कराई जायेगी। इस समिति की रिपोर्ट के बाद ही रेलवे स्टेशन उन्नयनीकरण कार्यों को पूर्ण करने की समयावधि बढ़ाने की अनुमति प्रस्तावित की जायेगी। इस आशय का निर्णय सांसद भारतसिंह कुशवाह की अध्यक्षता में आयोजित हुई जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में लिया गया।
सांसद ने कहा कि रेलवे स्टेशन के एकीकृत पुनर्विकास से संबंधित सभी कार्य आगामी 40 वर्ष की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर पूर्ण किए जाएं। इसमें कोई ढ़िलाई न हो और सभी कार्य गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं ।प्रधानमंत्री आपदा प्रबंधन के तहत ग्वालियर शहर के नालों के प्रस्तावित प्रोजेक्ट, वेस्टर्न बाइपास, आगरा-ग्वालियर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे, ठाठीपुर पुनर्घनत्वीकरण योजना, राष्ट्रीय सड़क विकास प्राधिकरण, मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम व लोक निर्माण विभाग के तहत निर्माणाधीन ओवरब्रिज व सड़कें, पीएम जन-मन, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना व खाद वितरण सहित सरकार द्वारा संचालित अन्य योजनाओं की समीक्षा की गई।
रेलवे स्टेशन उन्नयनीकरण की जांच के लिये गठित की गई समिति में सेतु निगम, लोक निर्माण एवं जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्रियों सहित अन्य तकनीकी अधिकारी शामिल किए जायेंगे। इस समिति के सदस्यों को बारीकी के साथ छतों पर जल भराव एवं अन्य तकनीकी खामियों की जाँच करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्टेशन बजरिया की दुकानों को शिफ्ट करने के संबंध में यहाँ के दुकानदारों के साथ बैठक करने के लिये कलेक्टर से कहा। दुकानदारों की सहमति लेकर उचित स्थान पर स्टेशन बजरिया की दुकानों को शिफ्ट कराएं, जिससे रेलवे स्टेशन उन्नयनीकरण प्रोजेक्ट के तहत स्टेशन बजरिया की दुकानों को हटाकर ग्वालियर रेलवे स्टेशन को भव्य स्वरूप प्रदान किया जा सके।
