लैंडस्लाइड : पत्थर की चपेट में आने से युवक की मौत

सीधी ।बहरी-हनुमना मार्ग में स्थित कैमूर पहाड़ से लैंडस्लाइड होने पर पत्थरों की चपेट में आने से बाइक सवार एक युवक की मौत हो गई। जबकि बाइक में अन्य सवार गंभीर रूप से घायल हो गया। जिसे उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। मिली जानकारी के अनुसार रविवार शाम बाइक सवारों के कैमूर पहाड़ से गुजरते वक्त लैंडस्लाइड से गिरे पत्थरों की चपेट में आने से बाइक सवार सूरज चतुर्वेदी पिता अमरनाथ चतुर्वेदी उम्र 23 वर्ष निवासी उफरौली की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। जबकि साथी युवक विनीत विश्वकर्मा पिता रमेश विश्वकर्मा उम्र 36 वर्ष निवासी ग्राम उफरौली के गंभीर जख्मी होने पर तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया। अमिलिया पुलिस के अनुसार 6 सितंबर रविवार की शाम 6 बजे कोदौरा बाजार में दोनो बाइक सवार सब्जी लेने के लिए गए हुए थे। अचानक इनका प्लान पहाड़ घूमने का बन गया और शिव मंदिर के पास से घूमकर दोनो युवक वापस अपने घर आ रहे थे। पल्सर बाइक की लाइट भी बंद थी।

शाम करीब 7 बजे इनकी बाइक सडक़ पर गिरे बड़े पत्थर से टकराई और सूरज उछलकर गिरा और उसका सिर पत्थर से टकराया जिससे घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई व वहीं बाइक सवार विनीत का बांया पैर टूट गया और सीने में चोंटे आई हैं। स्थानीय लोगों द्वारा घटना के बाद घायल को प्राथमिक स्वास्थ्य अमिलिया पहुंचाया गया। यहां प्राथमिक उपचार के पश्चात जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। बताते चलें कि करीब 10 दिन पूर्व से कैमूर पहाड़ से निकलने वाली बहरी-हनुमना मार्ग के धसकने का सिलसिला शुरू हो गया है। फिर भी वाहनों की आवाजाही बनी हुई है। बाद में लंैडस्लाइड के बाद अभी बुधवार की सुबह करीब 11 बजे सडक़ का बड़ा हिस्सा धसक गया। इस वजह से अमिलिया थाना पुलिस द्वारा बड़े वाहनों की आवाजाही को सडक़ से गुजरने पर प्रतिबंध लगा दिया गया। महज 8 फिट चौड़ी सडक़ का हिस्सा ही बचा हुआ था। उक्त बची सडक़ से दो पहिया वाहनों की आवाजाही ही हो रही थी। जिस तरह से कैमोर पहाड़ में लैंडस्लाइड का सिलसिला चल रहा है उससे यह अंदेशा जताया जा रहा है कि कभी भी यहां की शेष बची सडक़ भी धसक सकती है। फिर भी दो पहिया वाहन चालकों को सडक़ से निकलने की छूट दी गई है।

सिलवार नदी में बाढ़ से सडक़ बही, खतरा बढ़ा 

जिले के मझौली जनपद पंचायत क्षेत्र के सिलवार गांव में सोमवार दोपहर करीब 12 बजे सिलवार नदी में अचानक बाढ़ आने से तेज बहाव से नदी किनारे बनी सडक़ का एक बड़ा हिस्सा बह गया। इससे नारो और गिजवार समेत कई गांवों का संपर्क टूट गया है। सडक़ टूटने के बाद मौके पर एक गहरी खाई बन गई है। इससे यहां से गुजरने वाले लोगों के लिए हादसे का खतरा बढ़ गया है। इसके बावजूद ग्रामीण जान जोखिम में डालकर दोपहिया वाहनों से रास्ता पार कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर जल्द ही इस रास्ते को ठीक नहीं किया गया तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों के अनुसार, बारिश के दौरान नदी का पानी अचानक बढ़ा और तेज बहाव से सडक़ का हिस्सा बह गया। रास्ता खराब होने से बड़े वाहनों का निकलना पूरी तरह बंद हो गया है। जनपद पंचायत मझौली की एसडीओ सरिता सिंह ने बताया कि उन्हें सोशल मीडिया से सडक़ बहने की जानकारी मिली है। सूचना मिलते ही पंचायत विभाग के अधिकारियों को मौके पर भेजा गया। उन्होंने कहा कि स्थिति का जायजा लेने के बाद जल्द से जल्द जरूरी सुधार कार्य कराया जाएगा।

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