
रीवा, उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल के अमहिया स्थित आवास में 6 सितंबर को अवैधानिक तरीके से प्रवेश करने के प्रयास एवं हंगामे की घटना के विरोध में सोमवार को रीवा नगर में जोरदार प्रदर्शन किया गया.नगर के विवेकानंद पार्क में एकत्रित भाजपाई, व्यापारिक सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हाथों में तखतिया लेकर सख्त कार्यवाही किए जाने की मांग के नारे लगाते हुए पार्क से पैदल चलते हुए आईजी कार्यालय पहुंचे. जहां पर मांग पत्र सौंप कर कार्यवाही किए जाने की मांग की गई. प्रदर्शनकारियों ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए पुलिस प्रशासन से आपराधिक प्रकरण दर्ज करने तथा उपद्रव करने वाले लोगों की गिरफ्तारी की मांग की. प्रदर्शन के बाद पुलिस महानिरीक्षक, रीवा जोन के नाम ज्ञापन सौंपकर घटना में शामिल लोगों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की मांग की गई. भाजपा नेताओं ने कांग्रेस एवं घटना में शामिल बताए जा रहे सामाजिक तत्वों को चेतावनी देते हुए कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए किसी दुखद घटना को मुद्दा बनाकर शहर का माहौल खराब करने का प्रयास बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. रीवा की जनता शांति, कानून-व्यवस्था और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के साथ है. प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मांग की कि पूरे मामले की जांच उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज, वीडियो रिकॉर्डिंग एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर की जाए, ताकि वास्तविक दोषियों की पहचान कर उनके विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई हो सके. प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में व्यापारी सामाजिक फुठकर विक्रेता संघ के पदाधिकारी, भाजपा जिलाध्यक्ष वीरेन्द्र गुप्ता, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नीता कोल, पूर्व विधायक श्यामलाल द्विवेदी, केपी त्रिपाठी, विद्या प्रकाश श्रीवास्तव, राम सिंह, राजेंद्र ताम्रकार, श्रीमती मनीषा पाठक, राजगोपाल चारी, कमलेश सचदेवा, प्रबोद व्यास, नारायण मिश्रा, योगेंद्र शुक्ला, गणेश अग्रवाल, बंसी साहू, सुशील खरे, राजन वर्मा, अशोक ऋषि पूर्णिमा तिवारी, दीनानाथ वर्मा, देवेंद्र सोहगौरा, अधिवक्ता संघ के सचिव सुलभ पांडे, श्रीमती सरिता सिंह, सतीश सिंह, महेंद्र तिवारी, प्रेम प्रकाश पांडे, प्रकाश सोनी शिवम आदि मौजूद रहे.
विरोधी दल के लोग मर्यादाओं को भूल कर अपराधियों जैसा आचरण कर रहे है: सांसद
प्रदर्शन को रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा ने संबोधित करते हुए कहा कि हमने बाल जीवन से राजनीति की है परंतु कभी इस तरह की राजनीति नहीं देखी जब मर्यादाओं का उल्लघन इस तरह से हो रहा है. सत्ता की भूख में विरोधी दल के लोग सभी मर्यादाओं को भूल कर अपराधियों जैसा आचरण कर रहे हैं. घरों में वैधानिक रूप से घुस रहें रीवा की राजनीति में रगे हुए सियार आ गए हैं जिनके लिए राजनीति सिर्फ खेल है. मैं ऐसे लोगों को चेतावनी देना चाहता हूं की अति ना करें काजल की कोठरी में बैठे हुए हैं. राजनीतिक विरोध को व्यक्तिगत विरोध न बनाए.
