
रीवा, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय ङ्क्षसह रीवा में चल रहे न्याय सत्याग्रह में शामिल होने रविवार की देर रात पहुंचे. सोमवार को पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होने संघ प्रमुख मोहन भागवत के अमेरिका में दिये गये बयान को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि जो बातें मोहन भागवत ने अमेरिका में कही वे सारी बातें तो वे हमेशा से कहते आ रहे हैं. लेकिन भाजपा के लोग उन्हें मुल्ला और पाकिस्तान भेजने जैसे बयानों से हमला करते हैं, अब आरएसएस प्रमुख के बयान पर गिरिराज जैसे लोग क्यों चुप हैं.
श्री सिंह ने अमेरिका यात्रा में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान का उल्लेख करते हुए कहा कि वे कह रहे हैं कि मुसलमानों को बाहर भेजना हिंदुत्व नहीं है, अनेकता में एकता भारत के डीएनए में है. उन्होने कहा कि जनसंघ और आरएसएस दोनों की विचारधारा सनातन विरोधी है और भाजपा इसी विचारधारा को देश पर थोपना चाहती है. मुसलमानों के घर गिराना उन पर फर्जी देशद्रोही होने का आरोप लगाकर भाजपा देश की सामाजिक समरसता, बसुधैव कुटुंबकम की भावना खत्म करना चाहती है. पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि भारत में टू नेशन थ्योरी सावरकर और जिन्ना की देन है. सावरकर ने ही सबसे पहले हिंदू राष्ट्र का कांसेप्ट खड़ा किया, जिसे बाद में जिन्ना ने आगे बढ़ाया. उन्होंने कहा कि भारत में हमेशा से हिंदू-मुस्लिम, सिक्ख इसाई सभी धर्मों के लोगा आपस में मिलकर रहते रहे हैं.
प्रदेश में हालात खराब है, इस्तीफा लेकर रहेगें
प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था एवं मंत्री के इस्तीफे के सवाल पर उन्होने कहा कि प्रदेश में हालात खराब है. आदिवासी कांग्रेस अनिश्चितकालीन धरना दे रही है. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री का इस्तीफा लेकर ही रहेंगे. इसके लिए चाहे पूरे प्रदेश से आदिवासियों को रीवा लाना पड़ जाए. पत्रकार वार्ता में जिला अध्यक्ष इंजी. राजेंद्र शर्मा,महापौर अजय मिश्रा बाबा और शहर कांग्रेस अध्यक्ष अशोक पटेल मौजूद रहे.
चंदा चोरी के विरोध में करेंगे पदयात्रा
पूर्व मुख्यमंत्री श्री सिंह ने कहा कि वे सनातनी हैं और राम मंदिर में चंदा चोरी और चढ़ाव घोटाले को लेकर दशहरा से पदयात्रा निकालेंगे. उज्जैन के महाकाल से यह यात्रा शुरू होगी और अयोध्या में इसका समापन किया जाएगा. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में महाकाल और रामराज ओरछा में करोड़ों रुपए का भ्रष्टाचार किया गया है, इसका उनके पास पक्का प्रमाण है. अयोध्या में ट्रस्ट संबंधी सवाल पर उन्होंने कहा कि वे चाहते हैं कि विश्व हिदू परिषद के लोग न रहें. सरकार महाकाल मंदिर जैसा एक्ट बनाए जिसमें पांचों मठों के शंकराचार्य और रिटायर्ड चीफ सेक्रेटरी एवं ऑडीटर जनरल सदस्य शामिल हों.
