
बालाघाट, मध्यप्रदेश शासन के परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री तथा बालाघाट जिले के प्रभारी मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने 7 सितंबर को बालाघाट प्रवास के दौरान कलेक्ट्रेट कार्यालय में अधिकारियों की बैठक लेकर बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण एवं शिक्षा से जुड़े विषयों की समीक्षा की। उन्होंने जिले के विशेषकर बिरसा विकासखंड के प्रभावित एवं बैगा जनजाति बहुल क्षेत्रों में संचालित योजनाओं और व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में विधायक श्री मधु भगत, श्री संजय उइके, श्री विवेक विक्की पटेल, मप्र पिछड़ा वर्ग आयोग की सदस्य श्रीमती मौसम बिसेन, पूर्व मंत्री श्री प्रदीप जायसवाल, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती अनुपमा नेताम, कलेक्टर श्री कुमार सत्यम, पुलिस अधीक्षक श्री आदित्य मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ सुश्री तनुश्री मीणा, वनमंडलाधिकारी श्री नित्यानंदम एल, श्री रेशम सिंह धुर्वे, अपर कलेक्टर श्री डीपी बर्मन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य एवं पोषण व्यवस्था की समीक्षा
प्रभारी मंत्री श्री सिंह ने बिरसा विकासखंड के बीमारी से प्रभावित ग्रामों में बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण के लिए जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि बालाघाट वनांचल क्षेत्र है और इस वर्ष बच्चों की मृत्यु की घटनाएं सामने आई हैं। नक्सलवाद से मुक्ति के बाद प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देना चुनौतीपूर्ण है। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद स्वास्थ्य एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के अमले ने परिश्रम कर स्थिति को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण कार्य किया है। ऐसे दुर्गम क्षेत्रों में बेहतर कार्य करने वाले कर्मचारियों को प्रोत्साहित कर उनका मनोबल बढ़ाने की आवश्यकता है, ताकि वे आगे भी पूरी लगन और निष्ठा से अपने दायित्वों का निर्वहन करें।
आंगनवाड़ी, स्कूल और राशन व्यवस्था पर विशेष निगरानी के निर्देश
प्रभारी मंत्री श्री सिंह ने कोरका एवं बोंदारी के भ्रमण करने प्रभावित क्षेत्रों में आंगनवाड़ी सेवाओं को निरंतर प्रभावी बनाए रखने तथा बच्चों को नियमित रूप से पौष्टिक नाश्ता एवं भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही आंगनवाड़ी केंद्रों में दर्ज बच्चों की वास्तविक उपस्थिति सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
उन्होंने बैगा जनजाति बहुल क्षेत्रों में शिक्षा, पोषण एवं स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए। कम आयु में होने वाले विवाहों को हतोत्साहित करने तथा इन क्षेत्रों के स्कूलों में सुविधाओं को और बेहतर बनाने की आवश्यकता बताई। प्रभावित ग्रामों में उचित मूल्य दुकानों से नियमित रूप से राशन वितरण सुनिश्चित करने और लापरवाही पाए जाने पर कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।
