इंदौर: बिजली आपूर्ति में आने वाले फॉल्ट को जल्द चिन्हित कर सुधार कार्य में लगने वाला समय कम करने के लिए पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने उच्चदाब लाइनों पर फॉल्ट पैसेज इंडिकेटर लगाने की तैयारी शुरू कर दी है. इस संबंध में कंपनी के प्रबंध निदेशक अनूप कुमार सिंह ने विभाग प्रमुखों और इंदौर शहर के बिजली अधिकारियों के साथ बैठक कर तकनीकी एवं संचार व्यवस्था सहित एफपीआई लगाने के स्थानों पर चर्चा की.
अधिकारियों के अनुसार एफपीआई लगने के बाद उच्चदाब लाइन में फॉल्ट होने की सूचना संबंधित क्षेत्र के साथ ही स्काडा कंट्रोल सेंटर और अधिकारियों को तत्काल मिल सकेगी. इससे फॉल्ट तलाशने के लिए होने वाली पेट्रोलिंग में लगने वाला समय बचेगा और सुधार कार्य से जुड़ी टीम सीधे फॉल्ट वाले स्थान पर पहुंच सकेगी. इससे बिजली आपूर्ति बाधित रहने की अवधि कम होने के साथ शिकायतों में भी कमी आने की उम्मीद है.
इससे पहले सिंह ने मानपुर क्षेत्र की बिजली आपूर्ति व्यवस्था का निरीक्षण भी किया. उन्होंने अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि कृषि उपभोक्ताओं को निर्धारित 10 घंटे और अन्य श्रेणी के उपभोक्ताओं को 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जाए. तकनीकी खराबी होने पर उसे समय पर दूर करने के निर्देश भी दिए गए. निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने ग्रिड से जुड़े उपभोक्ताओं, आपूर्ति अवधि और रखरखाव संबंधी कार्यों की जानकारी दी.
