
विजयपुर। दो दिन से लगातार जारी बारिश ने विजयपुर क्षेत्र में हालात बिगाड़ दिए हैं। क्वारी नदी उफान पर है और खतरे के निशान के करीब पहुंच चुके जलस्तर ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। ऊपर का पुल पानी में डूब गया है, वहीं विजयपुर-टेटरा मार्ग पर आवागमन प्रभावित हो गया है। बारिश और नदी के बढ़ते जलस्तर का असर अब गांवों, स्कूलों और छात्रावासों तक पहुंच गया है। बेनीपुरा गांव पूरी तरह पानी से घिर चुका है। गांव में जलभराव के साथ-साथ छात्रावास और स्कूल परिसर में भी पूरी तरह पानी भर गया है। ऐसे में विद्यार्थियों की सुरक्षा और आवागमन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
बेनीपुरा में स्कूल और छात्रावास के अंदर पानी भरने की स्थिति ने प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। लगातार बारिश के बीच यदि जलस्तर और बढ़ता है तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। सवाल सीधा है—जब स्कूल और छात्रावास तक पानी पहुंच चुका है, तो विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए तत्काल क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
क्वारी नदी का पानी उतरने के बाद विजयपुर की सब्जी मंडी में बर्बादी का मंजर सामने आया। दुकानों में पानी घुसने से सब्जी विक्रेताओं का माल खराब हो गया और उनकी मेहनत की कमाई पानी में बह गई। जहां कल तक सब्जियों से सजी दुकानें दिखाई देती थीं, वहां अब कीचड़, गंदगी और बर्बाद सामान नजर आ रहा है। बारिश थमने और पानी उतरने के बाद भी दुकानदारों का दर्द कम नहीं हुआ है। जलभराव के चलते कोठारी पैलेस में दीवार गिरने की घटना सामने आई है। वहीं रनसिंह कॉलोनी में भी पानी भरने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।हालात को देखते हुए दोनों तरफ पुलिस बल तैनात किया गया है और मौके पर प्रशासन एवं पुलिस की टीम मौजूद रहकर स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
*2021 की बाढ़ का जख्म अभी भरा नहीं, फिर सामने आया वही खतरा*
विजयपुर में मौजूदा हालात ने वर्ष 2021 की भीषण बाढ़ की यादें ताजा कर दी हैं। उस समय किले के नीचे स्थित बाली बस्ती के रहवासियों के लिए पट्टे और आवास की व्यवस्था किए जाने की बात सामने आई थी, लेकिन इसके बावजूद कई लोग आज भी उसी क्षेत्र में रहने को मजबूर हैं।बारिश हर साल खतरे की घंटी बजाती है, पानी उतरते ही खतरा भुला दिया जाता है और अगली बारिश फिर वही सवाल खड़ा कर देती है। क्या बाढ़ प्रभावित परिवारों का स्थायी पुनर्वास होगा? क्या जलभराव वाले इलाकों की स्थायी जलनिकासी व्यवस्था बनेगी? क्या स्कूल और छात्रावास जैसे संवेदनशील स्थानों को बाढ़ से सुरक्षित करने की ठोस योजना तैयार होगी?
*बारिश ने खोल दी व्यवस्थाओं की पोल*
विजयपुर में इस बार की बारिश ने सिर्फ सड़कों और पुलों को नहीं डुबोया, बल्कि व्यवस्थाओं की कमजोरियों को भी सतह पर ला दिया है। गांव जलमग्न हैं, स्कूल-छात्रावास पानी में हैं, मंडी में व्यापारियों का नुकसान हुआ है और कॉलोनियों में लोग जलभराव से परेशान हैं। अब जरूरत केवल पानी निकालने और राहत पहुंचाने की नहीं, बल्कि स्थायी समाधान की है।क्योंकि पानी उतर जाएगा… लेकिन सवाल वहीं रह जाएगा—अगली बाढ़ से पहले तैयारी कब होगी?
