सिंध, बेतवा, पहुज नदियां, पार्वती और आसन नदियाँ उफान पर

ग्वालियर/दतिया/मुरैना/श्योपुर। ग्वालियर चंबल अंचल में लगातार हो रही बारिश से सिंध, बेतवा, आसन, पार्वती और पहूज नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। सिंध नदी में मोहिनी पिकअप और समोहा बांध से कुल 2650 क्यूमेक्स पानी छोड़ा गया है। वहीं राजघाट बांध से आज तड़के पानी की निकासी बढ़ाकर 1.50 लाख क्यूसेक कर दी गई है। इसके बाद पुल पर आवागमन बंद कर दिया गया है। प्रशासन ने अगली सूचना तक चंदेरी-ललितपुर मार्ग पर आवाजाही बंद रखने के निर्देश दिए हैं।

सिंध नदी में मोहिनी पिकअप से 2274 क्यूमेक्स और समोहा बांध से 380 क्यूमेक्स पानी छोड़ा गया है। दोनों स्थानों से कुल 2650 क्यूमेक्स पानी नदी में पहुंच रहा है। इसके चलते सिंध नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। सनकुआं में सिंध नदी का जलस्तर 134.5 मीटर दर्ज किया गया है। पानी की आवक बढ़ने के साथ जलस्तर और बढ़ने की संभावना है। सनकुआं के घाट भी पानी में डूब गए हैं। जलस्तर बढ़ने को देखते हुए पुलिस ने गोराघाट क्षेत्र में मुनादी कर लोगों से नदी के किनारे नहीं जाने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।

 *तड़के अपर ककेटो बांध के चार गेट खोलना पड़े*

इधर ग्वालियर में अपर ककेटो बांध के जल संग्रहण क्षेत्र में हो रही अति वर्षा और मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए बांध प्रबंधन ने एहतियाती कदम उठाया है। बांध के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए आज तड़के अपर ककेटो बांध के चार जल द्वार खोल दिए गए हैं। इन गेटों से लगभग 158.24 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है। प्रशासन की ओर से जारी सूचना के अनुसार अपर ककेटो बांध से छोड़ा गया पानी निर्धारित जलभराव क्षमता के बाद पार्वती नदी के माध्यम से हरसी बांध में पहुंचेगा। इससे हरसी बांध के जल संग्रहण क्षेत्र में जलस्तर बढ़ने की संभावना है।

*हरसी बांध पूरा भरा, आसपास के गांवों को किया सतर्क*

लगातार जलस्तर बढ़ने के कारण हरसी बांध की निर्धारित जलभराव क्षमता पूरी होने के बाद बांध के वेस्ट वियर से पानी ओवरफ्लो होकर समीप की नदी में जाने की संभावना जताई गई है। इसी को देखते हुए हरसी बांध के डाउनस्ट्रीम क्षेत्र में आने वाले गांवों और नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क किया गया है।

*श्योपुर में कदवाल नदी तेज उफान पर, मोरडूंगरी नदी में बह गया युवक*

श्योपुर जिले में भी लगातार बारिश से कदवाल नदी उफान पर आ गई है, जिससे गुप्तेश्वर महादेव मंदिर परिसर में पानी भर गया है। श्रद्धालुओं की आवाजाही रोक दी गई है। इस बीच मोरडूंगरी नदी में नहाने गया चैनपुरा निवासी रघुवीर तेज बहाव की चपेट में आकर बह गया। घटना के बाद पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और गोताखोरों की मदद से युवक की तलाश में जुटी हुई है।

श्योपुर-पाली रोड पर पुरानी पुलिस लाइन के पास मुख्य सड़क पर एक विशाल पेड़ गिर गया। हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ। पेड़ गिरने से रास्ते पर गाड़ियों का आवागमन ठप हो गया, जिसे हटाने का काम किया जा रहा है। श्योपुर जिले की सभी नदियां जबरदस्त उफान पर चल रही हैं।

*भिंड, गोहद एवं लहार में बारिश का पानी सड़कों और मोहल्लों में जमा हुआ*

चंबल के एक और प्रमुख जिले भिंड के गोहद एवं लहार नगरों में जल निकासी के उचित इंतजाम नहीं होने से बारिश का पानी सड़कों और मोहल्लों में जमा हो गया। इससे नाराज क्षेत्रीय लोग बारिश के पानी में बैठ गए और विरोध दर्ज कराया। गोहद में चौरा बरसा रोड, ऑफिसर कॉलोनी और मुख्य मेहर मार्ग समेत कई प्रमुख सड़कें पानी से लबालब हो गईं। जलभराव के कारण वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई मोहल्लों में भी पानी जमा हो रहा है।

*लहार में मोहल्लों के साथ खेत भी डूबे* : लहार में बारिश और नहर के पानी से कई मोहल्लों और निचले इलाकों में जलभराव हो गया। वहीं खेतों में पानी भरने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। सैकड़ों बीघा में बोई गई ज्वार, तिल और बाजरा की फसल प्रभावित होने की बात सामने आई है।

*घरों तक पहुंचा बारिश का पानी*: भिंड शहर की पुरानी बस्ती, राज होली, डॉक्टर लाइन, ऊषा कॉलोनी, ऑफिसर कॉलोनी, रतनपुरा समेत कई इलाकों में जलभराव हो गया है। कई जगह पानी घरों तक पहुंच गया है।

*कैलारस में बारिश से दुकानों के अंदर पानी भरा*

कैलारस नगर में तेज बारिश से बाजार में दुकानों के अंदर पानी भर गया है। गांधी मार्ग पर मेडिकल और किताबों की दुकानों में पानी भरा है। राहत टीमें पानी निकालने में जुटी हुई हैं।

*मड़ीखेड़ा डेम के चार गेट खोले, नदियां उफान पर*

शिवपुरी जिले में लगातार बारिश से मड़ीखेड़ा डेम का जलस्तर बढ़ गया है। पहली बार चार गेट खोलकर 1037 क्यूमेक्स पानी सिंध नदी में छोड़ा गया है।गेटों से गिरती धाराओं ने डैम का नजारा आकर्षक बना दिया, लेकिन तेज बहाव से नदी किनारे बसे गांवों में अलर्ट जारी करना पड़ा है। पावर हाउस के लिए 135.42 क्यूमेक्स पानी छोड़ा गया है, जिससे 72 घंटे तक बिजली उत्पादन शुरू हो गया। शिवपुरी में पिछले 24 घंटे में 62.93 मिमी बारिश हुई है।

*पहसारी बांध से आज छोड़ा जाएगा पानी, गांवों को किया एलर्ट*

ग्वालियर के ग्रामीण क्षेत्र में स्थित पहसारी बांध के जल संग्रहण क्षेत्र में अति वर्षा होने एवं मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनी व बांध के जल स्तर में निरंतर वृद्धि होने से बांध की सुरक्षा की दृष्टि से निर्धारित जल भराव क्षमता के उपरांत बांध के बेस्ट वियर से व हरसी स्लूस खोलकर पानी की निकासी की जा सकती है जो कि महुअर नदी के द्वारा पार्वती नदी में जाएगा। जिला प्रशासन ने पंजाबी पुरा, हीरापुरा, मोहना, बरसाना, इन्द्रा कालोनी इत्यादि सभी गांव एवं आम जन को एलर्ट किया है कि नदी के तटबंध एवं आसपास के क्षेत्रों से दूर रहें सुरक्षित स्थानों पर रहें एवं अन्य नागरिकों को भी सूचित करें।

*ग्वालियर में सिर्फ रिमझिम तब भी शहर के हालात बिगड़े, तिघरा का जलस्तर बढ़ा*

ग्वालियर। अंचलभर में तेज बारिश हो रही है एवं बांधों के गेट खोलने पड़ रहे हैं लेकिन ग्वालियर शहर में आज दिनभर बारिश हल्की फुहारों और रिमझिम तक ही सीमित रही। हालांकि बीते दो दिनों से हो रही रुक-रुक कर बारिश ने शहर में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। कई जगह सड़कों पर पानी भरा हुआ है। रिमझिम फुहारों में ही निचली बस्तियां जलमग्न हो गई हैं और नालों का पानी सड़कों से लेकर लोगों के घरों-दुकानों में घुस गया है। शंकरपुर, जागृति नगर, ट्रांसपोर्ट नगर, लधेड़ी और फूलबाग मोती मस्जिद क्षेत्र में जलभराव के चलते जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त है।

*तिघरा बांध में दो दिन में भरा एक महीने का पानी, जलस्तर हुआ 730.30 फीट*

ग्वालियर शहर के स्थित तिघरा जलाशय के कैचमेंट एरिया में अच्छी बारिश के चलते दो दिन में तिघरा में 1.70 फीट पानी बढ़ गया है। जिसके बाद तिघरा का जलस्तर 730.30 फीट तक पहुंच गया है। दो दिन में जो पानी तिघरा में बढ़ा है उससे एक महीने तक शहर की प्यास बुझाई जा सकती है।

*लगातार बारिश से पगारा बांध 96.45 फीसदी भरा, 32 गांवों को किया अलर्ट*

मुरैना जिले में लगातार हो रही बारिश से पगारा बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ने की संभावना है। बांध का जलस्तर 653 फीट दर्ज किया गया, जबकि इसका पूर्ण भराव स्तर 654 फीट है। इस तरह बांध करीब 96.45 प्रतिशत भर चुका है। कैचमेंट एरिया में लगातार बारिश होने से जलस्तर और बढ़ने की संभावना है। इसे देखते हुए प्रशासन ने बांध के डाउनस्ट्रीम क्षेत्र में आने वाले 32 गांवों के ग्रामीणों को सतर्क किया है। आसन नदी के कैचमेंट एरिया में भी बारिश जारी रहने से नदी का जलस्तर बढ़ने की आशंका है।

पगारा बांध के स्वचालित गेटों के खुलने का निर्धारित स्तर 655.3 फीट है। जलस्तर इस स्तर तक पहुंचने के बाद बांध के 6 स्वचालित गेट एक-एक करके अपने आप खुलने लगेंगे। प्रशासन बांध के जलस्तर पर नजर रखे हुए है।

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