
छतरपुर। में बारिश शुरू होते ही कॉलोनियों में मूलभूत सुविधाओं की स्थिति सामने आने लगी है। पूर्व कलेक्टर संदीप जीआर के कार्यकाल में विकसित किए गए फ्रूट फॉरेस्ट तक सीमेंट सड़क पहुंच गई, लेकिन इसके आगे बसी कॉलोनी के 200 से अधिक परिवार अब भी सड़क, नाली, पानी और बिजली जैसी सुविधाओं के लिए परेशान हैं। रहवासियों का कहना है कि फ्रूट फॉरेस्ट के आगे करीब 10 फीट हिस्से में सड़क नहीं बनाई गई, जो बारिश में कीचड़ में बदल जाता है।
सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को उठानी पड़ रही है। कॉलोनी के आसपास तीन से चार स्कूल संचालित हैं और सामने स्थित महर्षि स्कूल में भी कई बच्चे पढ़ते हैं। बारिश के दौरान कीचड़ भरे रास्ते से गुजरने में बच्चों के फिसलकर गिरने और कपड़े खराब होने की स्थिति बन रही है। नौकरी और ड्यूटी पर जाने वाले लोगों के साथ बीमार व्यक्ति को अस्पताल ले जाने में भी परेशानी होती है।
रहवासियों के मुताबिक कॉलोनी में पर्याप्त नालियां नहीं होने से बारिश का पानी सड़कों पर जमा हो जाता है। इसके अलावा पर्याप्त विद्युत पोल नहीं होने के कारण कई घरों तक खुले तार खींचे गए हैं। लोगों का कहना है कि बारिश के मौसम में खुले बिजली के तार हादसे का खतरा बढ़ा रहे हैं। रहवासियों ने सड़क और नाली निर्माण के साथ विद्युत पोल लगाने की मांग की है।
स्थानीय लोगों के अनुसार समस्याओं को लेकर पूर्व में कलेक्टर को आवेदन देने के साथ सीएम हेल्पलाइन पर भी कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हुआ। रहवासियों ने प्रशासन से मौके का निरीक्षण कर पूरी कॉलोनी में सड़क, नाली और पानी की व्यवस्था कराने तथा खुले बिजली के तारों को सुरक्षित करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि विकास केवल फ्रूट फॉरेस्ट तक सीमित न रहकर कॉलोनी में रहने वाले परिवारों तक भी पहुंचना चाहिए।
