हैदराबाद, पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण (PFRDA) ने देश के छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों तक पेंशन स्कीम की पहुंच को सुगम बनाने के लिए ‘पॉइंट ऑफ प्रेजेंस’ (PoP) रेगुलेशंस, 2018 में संशोधनों का एक्सपोजर ड्राफ्ट जारी कर दिया है। इस नए बदलाव के तहत खाता खोलने की प्रक्रिया को पूरी तरह पेपरलेस बनाने के लिए डिजिटल और फिजिकल दो अलग मॉडल पेश किए गए हैं, साथ ही अब ‘पेंशन एजेंट’ की जगह ‘NPS मित्र’ नियुक्त किए जाएंगे जो घर-घर जाकर सेवाएं देंगे।
आम जनता और हितधारकों के लिए 2 अक्टूबर 2026 तक मांगे गए सुझाव
नियामक की ओर से जारी इस नए प्रस्ताव पर आम जनता, निवेशकों और सभी संबंधित पक्षों से 2 अक्टूबर 2026 तक अपने सुझाव या आपत्तियां आमंत्रित की गई हैं। इस बदलाव के बाद अब सहकारी समितियां, ट्रस्ट और रजिस्टर्ड सोसायटियां भी पात्रता पूरी करके PoP बन सकेंगी, जिससे स्थानीय स्तर पर लोगों को पेंशन सेवाएं आसानी से मिल सकेंगी। इसके अलावा, डिजिटल मोड के जरिए खाता खोलने पर कोई आवेदन फीस नहीं ली जाएगी।
निवेशकों के रिटर्न पर कोई असर नहीं, ग्राहकों की सुरक्षा हुई सख्त
PFRDA के इन नए नियमों से NPS के मौजूदा निवेश पैटर्न, योगदान या आपके फंड रिटर्न पर कोई भी नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा, बल्कि ग्राहकों को और बेहतर व तेज डिजिटल सेवाएं मिलेंगी। साथ ही ग्राहकों के हितों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह भी प्रावधान किया गया है कि किसी भी ‘NPS मित्र’ या कर्मचारी की धोखाधड़ी से होने वाले नुकसान की भरपाई की पूरी जिम्मेदारी संबंधित PoP की होगी।

