भोपाल। बड़े तालाब के एफटीएल और केचमेंट क्षेत्र के सीमांकन को लेकर चल रही कवायद के बीच शुक्रवार को भदभदा के एक गेट को खोल दिया गया। नगर निगम के अधिकारियों की मौजूदगी में गेट खोले जाने के बाद तालाब के पानी का निकास शुरू हुआ। खास बात यह रही कि जिस एफटीएल स्तर पर ड्रोन से वीडियोग्राफी और गूगल इमेज के जरिए तालाब की वास्तविक सीमा का सर्वे किया जाना था, वह प्रक्रिया गेट खुलने से पहले पूरी नहीं हो सकी।
बड़े तालाब को मूल स्वरूप में लाने के लिए सांसद आलोक शर्मा लंबे समय से प्रयास कर रहे हैं। वहीं कलेक्टर प्रियंक मिश्रा भी एफटीएल के बाद ही तालाब की सीमा का वास्तविक सर्वे कराने और उसके आधार पर कार्रवाई की तैयारी में थे। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के निर्देश भी तालाब के एफटीएल स्तर के आधार पर सर्वे और कार्रवाई से जुड़े हैं। ऐसे में गेट खोले जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
केचमेंट में आ सकते हैं सैकड़ों निर्माण
यदि एफटीएल के दौरान ड्रोन वीडियोग्राफी और गूगल इमेज के आधार पर सीमांकन होता है तो बड़े तालाब के केचमेंट क्षेत्र में आने वाले कई पक्के निर्माण इसकी जद में आ सकते हैं। इनमें अस्पताल, मैरिज गार्डन, गोडाउन, फार्म हाउस, कॉलेज और बड़े आवासीय निर्माण शामिल बताए जा रहे हैं।
पर्यावरणविद राशिद नूर खान का आरोप है कि वर्षों से तालाब के केचमेंट क्षेत्र में हुए अतिक्रमण को हटाने की मांग की जा रही है। उनका कहना है कि एफटीएल के बाद सर्वे होने पर प्रभावशाली लोगों के निर्माण भी चिन्हित हो सकते थे। ऐसे में गेट खोलने से सर्वे की प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका है।
मार्च में हुआ था सर्वे और सीमांकन
मार्च 2026 में प्रशासन और नगर निगम ने तालाब के केचमेंट क्षेत्र में अतिक्रमण की पहचान के लिए सर्वे कराया था। इस दौरान नगर निगम, प्रशासन, वन विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल हुए थे। इसके बाद कुछ स्थानों पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई भी शुरू की गई।
हालांकि कुछ लोगों ने सर्वे में किए गए सीमांकन और चिन्हांकन पर आपत्ति जताते हुए कलेक्टर कार्यालय में शिकायतें कीं। इसके बाद कार्रवाई रोक दी गई। बारिश के दौरान तालाब का जलस्तर बढ़ने और एफटीएल होने का इंतजार किया जाता रहा, ताकि पानी के वास्तविक स्तर के आधार पर दोबारा सीमांकन किया जा सके। अब एफटीएल के आसपास की स्थिति बनने के बावजूद गेट खोल दिए जाने से सर्वे की प्रक्रिया फिर आगे खिसक गई है।
आज शनिवार को होगी सर्वे को लेकर बैठक
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी और एनजीटी मामले के नोडल अधिकारी नीतेश चौरसिया ने बताया कि एफटीएल के बाद सीमा का ड्रोन सर्वे अभी नहीं हुआ है। सर्वे को लेकर शनिवार सुबह 9 बजे बैठक रखी गई है। इसमें संबंधित विभागों के अधिकारी और सदस्य मौजूद रहेंगे।
उन्होंने बताया कि ड्रोन सर्वे के लिए मौसम का अनुकूल होना जरूरी है। इसके साथ ही एनजीटी के निर्देश के अनुसार निर्धारित जलस्तर पर सर्वे कराया जाना है। दोनों परिस्थितियां अनुकूल होने के बाद ही ड्रोन से वीडियोग्राफी की जाएगी।
कलेक्टर बोले- मुझे पहले सूचना नहीं दी गई
भदभदा गेट खोले जाने के संबंध में कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने कहा कि गेट खोलने से पहले उन्हें सूचना नहीं दी गई थी और इसकी जानकारी बाद में मिली। उन्होंने कहा कि बारिश जारी है, इसलिए आवश्यकता के अनुसार गेट दोबारा बंद किया जाएगा। एफटीएल होने पर ड्रोन से वीडियोग्राफी और गूगल इमेज ली जाएंगी तथा एनजीटी के निर्देशों का पालन किया जाएगा।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि इस बार सही तरीके से सर्वे कराकर केचमेंट क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी और किसी भी प्रभावशाली व्यक्ति को बचाया नहीं जाएगा।
निगम ने कहा- एफटीएल के बाद खोला गेट
नगर निगम के जलकार्य विभाग के अधीक्षण यंत्री उदित गर्ग के अनुसार बड़े तालाब का जलस्तर 1666.80 फीट पहुंच गया था और बारिश भी अधिक हो रही थी। इसी वजह से भदभदा का गेट खोला गया।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि एफटीएल के स्तर पर तालाब की सीमा का ड्रोन सर्वे कब होगा और गेट खुलने के बाद क्या इस सर्वे की सटीकता पर कोई असर पड़ेगा। शनिवार की बैठक के बाद ही सर्वे की अगली कार्रवाई स्पष्ट हो सकेगी।
