
सिंगरौली । ऊर्जा की राजधानी सिंगरौली में हवाई सेवा शुरू होने की दिशा में अब कवायद तेज हो गई है। सिंगरौली हवाई पट्टी को विकसित कर हवाई अड्डे के रूप में तैयार करने की प्रक्रिया के तहत भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण की चार सदस्यीय सर्वे टीम सिंगरौली पहुंच सर्वे कार्य शुरू कर दिया है।
प्राधिकरण ने सिंगरौली हवाई पट्टी का बाधा सीमा सतह सर्वेक्षण कराने के लिए अधिकारियों का दौरा हो चुका है। यह सर्वेक्षण 3 सितंबर से 9 सितंबर 2026 तक चलेगा। जहां सेटेलाइट के माध्यम से सर्वे कार्य आज दूसरे दिन भी जारी रहा है। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के जारी पत्र के अनुसार सर्वे टीम में अशोक कुमार तिर्की सहायक महाप्रबंधक, मुकेश प्रबंधक, योगेंद्र कुमार वरिष्ठ भौगोलिक सूचना प्रणाली विश्लेषक तथा आशीष गुप्ता भौगोलिक सूचना प्रणाली विश्लेषक शामिल हैं। अशोक कुमार तिर्की और योगेंद्र कुमार दिल्ली- वाराणसी से बैढ़न पहुंच सर्वेक्षण का कार्य लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर संजय श्रीवास्तव एवं समयपाल, देवेश नामदेव के साथ शुरू कर दिया है। जहां उक्त टीम 9 सितंबर तक सिंगरौली हवाई पट्टी का सर्वेक्षण करेगी। इधर बताते चले कि हवाई सेवा शुरू होने से सिंगरौली के उद्योग, व्यापार, रोजगार, पर्यटन और निवेश को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। खासकर कोयला, बिजली और औद्योगिक गतिविधियों के लिए देशभर में पहचान रखने वाले सिंगरौली को हवाई संपर्क मिलने से आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिल सकती है। फिलहाल हवाई अड्डे की प्रक्रिया की कवायद को लेकर सिंगरौली वासियों में उत्साह नजर आ रहा है।
प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद आगे बढ़ी प्रक्रिया
यहां बताते चलें कि सिंगरौली में हवाई अड्डा निर्माण की मांग को लेकर पिछले माह विधायक रामनिवास शाह, राजेन्द्र मेश्राम और सांसद डॉ. राजेश मिश्रा के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री को सिंगरौली में हवाई अड्डे की आवश्यकता से संबंधित पत्र भी सौंपा था। इसके बाद विमानन मंत्री और म.प्र. के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पिछले पखवाड़े सिंगरौली में हवाई अड्डा बनाए जाने की घोषणा की थी। अब भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण की टीम द्वारा हवाई पट्टी का तकनीकी सर्वेक्षण शुरू किए जाने से सिंगरौलीवासियों की वर्षों पुरानी उम्मीद को नई मजबूती मिली है।
टैक्सी मार्ग, पार्किंग क्षेत्र का विस्तार से परीक्षण
उक्त मामले में नोडल अधिकारी के रूप में अपर कलेक्टर पीएस त्रिपाठी को जिम्मेदारी सौपी गई है। बताया गया है कि सर्वेक्षण के दौरान हवाई पट्टी के रनवे के दोनों सिरों, टैक्सी मार्ग, पार्किंग क्षेत्र तथा प्रस्तावित निर्माण एवं विस्तार से संबंधित तकनीकी स्थिति का परीक्षण किया जाएगा। प्राधिकरण ने रनवे के प्रारंभिक बिंदु और भौतिक अंतिम छोर पर स्थायी चिन्ह स्थापित करने के निर्देश भी दिए हैं। इधर अब तक हवाई सेवा का सपना देख रहा सिंगरौली पहली बार उस दिशा में ठोस कदम बढ़ाता नजर आ रहा है। सर्वेक्षण के बाद हवाई पट्टी के विकास और हवाई अड्डे की दिशा में आगे की प्रक्रिया तय होगी।
