
8.9 लाख से 5.09 करोड़ तक का सफर, 58.4% बाजार हिस्सेदारी के साथ डिजिटल दुनिया की अगली छलांग
भोपाल-रायपुर, दस साल पहले मोबाइल हाथ में था, लेकिन इंटरनेट की रफ्तार और पहुंच आज जैसी नहीं थी। महंगा डेटा और सीमित कनेक्टिविटी डिजिटल दुनिया की राह में बड़ी बाधा थे। फिर आया 2016, और रिलायंस जियो के आगमन ने भारत के टेलीकॉम परिदृश्य को बदल दिया। मोबाइल इंटरनेट सुविधा से आगे बढ़कर रोजमर्रा की जरूरत बन गया।
*मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़* में भी इस बदलाव की तस्वीर साफ दिखाई देती है। सितंबर 2016 में सेवा शुरू होने के समय मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ में जियो के महज 8.9 लाख ग्राहक थे। जुलाई 2026 तक यह संख्या बढ़कर करीब 5.09 करोड़ हो गई। यानी करीब एक दशक में ग्राहक आधार 56.6 गुना बढ़ा।
जुलाई 2026 तक मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ टेलीकॉम सर्किल में कुल 8.71 करोड़ मोबाइल कनेक्शन में जियो की हिस्सेदारी 58.4% पहुंच चुकी है। अगस्त 2018 में एयरटेल और अक्टूबर 2019 में वोडाफोन आइडिया को पीछे छोड़कर नंबर-1 बनने के बाद जियो ने यह स्थान लगातार बनाए रखा है।
*आंकड़ों से बड़ी कहानी*
इन आंकड़ों के पीछे बदलता मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ दिखाई देता है। मोबाइल इंटरनेट ने गांव के छात्र को ऑनलाइन कक्षा, किसान को बाजार की जानकारी, छोटे दुकानदार को डिजिटल भुगतान और परिवारों को वीडियो कॉल से जोड़ा। मोबाइल अब सिर्फ बातचीत का माध्यम नहीं, बल्कि शिक्षा, कारोबार, बैंकिंग, मनोरंजन, जानकारी और सेवाओं की जेब में रखी दुनिया बन गया है।
*4G से True 5G और JioPC तक*
जियो का सफर 4G से True 5G तक पहुंच चुका है और अब अगली मंजिल AI, क्लाउड और डिजिटल कंप्यूटिंग की है। इसी दिशा में JioPC जैसी पहल कंप्यूटिंग को भी अधिक सुलभ बनाने की कोशिश है। पुराने कंप्यूटर या लैपटॉप को बदले बिना क्लाउड आधारित तकनीक के जरिए उसे आधुनिक कंप्यूटिंग अनुभव से जोड़ा जा सकता है। इससे बिना नया हार्डवेयर खरीदे AI और अन्य भारी एप्लिकेशन चलाने की संभावनाएं बनती हैं।तेज कनेक्टिविटी और क्लाउड तकनीक का यह मेल एग्रीटेक, हेल्थटेक, शिक्षा, उद्योग, IoT और स्मार्ट सिटी जैसे क्षेत्रों में डिजिटल बदलाव की नई संभावनाएं खोल रहा है।
*मोबाइल से घर तक डिजिटल दुनिया*
JioFiber और JioAirFiber के विस्तार के साथ मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ में जियो का ब्रॉडबैंड ग्राहक आधार 21 लाख के पार पहुंच चुका है। घर से काम, ऑनलाइन पढ़ाई, डिजिटल कंटेंट और छोटे कारोबार के लिए इंटरनेट अब घर की मूलभूत जरूरत बन चुका है।
8.9 लाख से 5.09 करोड़ तक का सफर सिर्फ ग्राहकों की संख्या नहीं है। यह बदलते मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ की कहानी है—जहां कनेक्टिविटी ने दूरी घटाई, डिजिटल सेवाओं ने अवसर बढ़ाए और अब AI व क्लाउड नई संभावनाओं के दरवाजे खोल रहे हैं।
*दस साल बेमिसाल—सफर अभी जारी है।*
