नई दिल्ली, उपभोक्ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने विस्फोटक पदार्थों की अवैध ऑनलाइन बिक्री के खिलाफ एक बड़ी और सख्त कार्रवाई की है। प्राधिकरण ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म ‘डायल4ट्रेड टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड’ पर नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई विनियमित और खतरनाक पदार्थों की ऑनलाइन लिस्टिंग की राष्ट्रव्यापी जांच के बाद की गई है, जिसमें पाया गया कि कंपनी बिना किसी वैध लाइसेंस सत्यापन या खरीदार की पात्रता जांच के अमोनियम नाइट्रेट जैसे खतरनाक विसफोटकों की खुली बिक्री करवा रही थी।
भ्रामक विज्ञापन और अनुचित व्यापार व्यवहार के दायरे में माना गया कृत्य
CCPA ने स्पष्ट किया है कि किसी भी डिजिटल मार्केटप्लेस पर उत्पादों की इस तरह की सूची उपलब्ध कराना उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के प्रावधानों के तहत ‘भ्रामक विज्ञापन’ और ‘अनुचित व्यापार व्यवहार’ के अंतर्गत आता है। एक विनियमित विस्फोटक पदार्थ को आम उपभोक्ता वस्तु की तरह पेश करना और ग्राहकों को यह न बताना कि इसकी खरीद के लिए कानूनी लाइसेंस अनिवार्य है, सीधे तौर पर जनसुरक्षा के साथ खिलवाड़ है। इसी आधार पर प्राधिकरण ने डायल4ट्रेड को अपने प्लेटफॉर्म पर विस्फोटक अधिनियम, 1884 के दायरे में आने वाले किसी भी पदार्थ की लिस्टिंग और विज्ञापन को तुरंत प्रभाव से बंद करने का सख्त निर्देश दिया है।
मध्यस्थ होने का बचाव तर्क खारिज, प्लेटफॉर्म की जवाबदेही तय
अपनी सफाई में डायल4ट्रेड ने दलील दी थी कि वह केवल एक बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) मध्यस्थ प्लेटफॉर्म के रूप में काम करता है और तीसरे पक्ष (थर्ड पार्टी) के विक्रेताओं द्वारा डाली गई सामग्री के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार नहीं है। हालांकि, सीसीपीए ने इस तर्क को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि प्लेटफॉर्म के पास अवैध उत्पादों को हटाने और ऐसे विक्रेताओं को ब्लॉक करने के पूरे अधिकार और तकनीकी क्षमता थी, बावजूद इसके कंपनी ने कोई कदम नहीं उठाया। इस फैसले से ऑनलाइन मार्केटप्लेस चलाने वाली अन्य कंपनियों के लिए भी सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य हो गया है।

