
श्री रमेश ने कहा कि 2367 किलोग्राम वजन वाले ईओएस-05 उपग्रह का सफल प्रक्षेपण इसरो के लिए मनोबल बढ़ाने वाला साबित होगा। उन्होंने कहा कि हाल के समय में इसरो को कई तरफ से हमलों का सामना करना पड़ा है, ऐसे में यह उपलब्धि उसकी असाधारण दृढ़ता और मुश्किलों से उबरने की क्षमता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि पूरे देश को इसरो की उपलब्धियों और उसकी क्षमता को सलाम करना चाहिए तथा संगठन के आगामी सभी अभियानों की सफलता की कामना करनी चाहिए।
श्री रमेश ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसे समय में, जब प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के निर्देश पर इसरो की भूमिका में आमूलचूल बदलाव किया जा रहा है, इस पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित बदलाव इस प्रेरणादायक सार्वजनिक संस्थान के मूल चरित्र को प्रभावित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इसरो ने दशकों तक तमाम कठिनाइयों के बावजूद देश को गौरवान्वित किया है।
