
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी-50 सूचकांक भी 41 अंक यानी 0.17 प्रतिशत गिरकर 23,873.45 अंक पर बंद हुआ। दोनों प्रमुख सूचकांक आज 24 जुलाई के बाद के निचले स्तर पर बंद हुए हैं। विदेशों में मिश्रित रुख रहा, लेकिन घरेलू स्तर पर दिग्गज कंपनियों में मुनाफावसूली को जोर देखा गया। विशेष रूप से आईटी, एफएमसीजी, ऑटो, स्वास्थ्य और फार्मा कंपनियों में बिकवाली हुई। बैंकिंग, वित्त, रियल्टी, मीडिया और रासायनिक सेक्टरों के सूचकांकों में तेजी रही। वृहत बाजार में अधिकतर सूचकांक हरे निशान में रहे। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.28 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 1.20 प्रतिशत की मजूबती के साथ बंद हुआ।
एनएसई में जिन 3,628 कंपनियों के शेयरों में कारोबार हुआ उनमें से 2,207 के शेयरों में तेजी रही। वहीं, 1,311 कंपनियों के शेयर टूट गये। अन्य 110 कंपनियों के शेयर अंततः अपरिवर्तित रहे।
सेंसेक्स की 30 में से 23 कंपनियों में गिरावट रही। टाइटन का शेयर 2.17 प्रतिशत लुढ़क गया। ट्रेंट में 1.93 फीसदी, आईटीसी में 1.63, महिंद्रा एंड महिंद्रा में 1.62, बजाज फिनसर्व में 1.61, एचसीएल टेक्नोलॉजीज में 1.55 और टेक महिंद्रा में 1.54 प्रतिशत की गिरावट रही।
सन फार्मा का शेयर 1.50 प्रतिशत, टीसीएस का 1.41, अल्ट्राटेक सीमेंट का 1.38, बजाज फाइनेंस का 1.13, कोटक महिंद्रा बैंक का 1.10, मारुति सुजुकी का 1.07, इंडिगो का 1.04, हिंदुस्तान यूनीलिवर का 1.00, इंफोसिस का 0.98, पावरग्रिड का 0.93, रिलायंस इंडस्ट्रीज का 0.92 प्रतिशत टूट गया। एलएंडटी और भारतीय स्टेट बैंक के शेयर भी फिसल गये। वहीं, एक्सिस बैंक, अडानी पोर्ट्स, एशियन पेंट्स और एचडीएफसी बैंक के शेयर ऊपर रहे। वैश्विक स्तर पर एशिया में हांगकांग का हैंग सेंग 0.39 प्रतिशत और जापान का निक्केई 0.17 प्रतिशत टूट गया। वहीं, चीन का शंघाई कंपोजिट 0.02 प्रतिशत की बढ़त में बंद हुआ। यूरोपीय बाजारों में शुरुआती कारोबार में जर्मनी का डैक्स 0.18 फीसदी और ब्रिटेन का एफटीएसई 0.63 प्रतिशत ऊपर था।
