
ग्वालियर। ग्वालियर चंबल अंचल में आज सुबह से रात तक हुई बारिश ने जनजीवन अस्त व्यस्त कर दिया है। सड़कों पर पानी भर गया जिससे यातायात प्रभावित हुआ। स्कूल और दफ्तरों में उपस्थिति कम रही। हालांकि शहर में कई दिनों से उमस भरी गर्मी से परेशान लोगों को राहत मिली है। बारिश से कई जगह प्राकृतिक आपदाएं भी हुईं, जिसमें जनहानि और कीमती सामान आदि का नुकसान हुआ है।बारिश के बाद तापमान में गिरावट आई और मौसम सुहावना हो गया है।
मौसम विभाग ने पहले ही ग्वालियर अंचल में में बारिश की संभावना जताई थी। इसके बाद गुरुवार को मौसम में बदलाव देखने को मिला। विभाग के आंकड़ों के अनुसार, अब तक 18.3 मिमी बारिश दर्ज की गई है। सीजन में कुल बारिश 535.4 मिमी पहुंच गई है। गुरुवार को न्यूनतम तापमान 25.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.4 डिग्री अधिक था। सुबह के समय हवा में नमी 93 प्रतिशत दर्ज की गई।
*डबरा में मकान गिरा, माँ बेटे की मौत, 3 घायल*
बारिश के बीच ग्वालियर-डबरा थाना क्षेत्र के जंगीपुरा में दर्दनाक हादसा हो गया। गहरी नींद में सो रहे एक ही परिवार के सात लोग जर्जर मकान के मलबे में दब गए। हादसे में 35 वर्षीय महिला और उसके डेढ़ साल के मासूम बेटे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पिता और तीन बेटियां गंभीर रूप से घायल हो गईं। जंगीपुरा निवासी जोगेन्द्र मजदूरी करता है। बुधवार रात वह रोज की तरह खाना खाकर अपने कच्चे मकान के एक ही कमरे में पत्नी सीमा, बेटे आदित्य, और चार बेटियों रागिनी, नैंसी, वैष्णवी और गौरी के साथ सो रहा था। बताया गया है कि मकान की हालत काफी समय से जर्जर थी, आर्थिक तंगी के कारण जोगेन्द्र उसकी मरम्मत नहीं करा पा रहा था। अचानक पूरा मकान भरभराकर गिर गया। सो रहा पूरा परिवार मलबे में दब गया। आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे तो चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही डबरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची।
थाना प्रभारी संजय शर्मा ने बताया कि पूरा परिवार मलबे में दबा हुआ था। स्थिति को देखते हुए स्थानीय लोगों और पुलिस के साथ मिलकर तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। काफी मशक्कत के बाद सभी को मलबे से बाहर निकाला गया। लेकिन तब तक सीमा और डेढ़ साल के आदित्य की मौत हो चुकी थी। घायल जोगेन्द्र, वैष्णवी, गौरी और रागिनी को तुरंत डबरा सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद तीनों की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें ग्वालियर रेफर कर दिया गया है।
*दतिया में बारिश से धान को फायदा लेकिन तिल्ली-मूंगफली पर खतरा*
दतिया जिले में आज गुरुवार सुबह से मौसम बदला हुआ है। सुबह से हल्की बारिश और रिमझिम बूंदाबांदी का दौर जारी है। इससे लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है। वहीं किसानों के लिए यह बारिश राहत के साथ चिंता भी लेकर आई है। खेतों में खड़ी धान की फसल के लिए बारिश फायदेमंद बताई जा रही है लेकिन पकने की कगार पर खड़ी तिल्ली-मूंगफली को लेकर किसानों की चिंता बढ़ गई है। पिछले 24 घंटे में हुई 28.55 मिमी बारिश दर्ज की गई है।
*मुरैना में जबरदस्त बारिश से सड़कें हुईं जलमग्न*
चंबल संभाग के सबसे बड़े नगर मुरैना में आज सुबह शुरू हुई बारिश के कुछ ही देर बाद न्यू हाउसिंग बोर्ड, कलेक्टर कार्यालय के आसपास और शहर के कई प्रमुख मार्गों पर पानी भर गया। जलभराव के कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। देर शाम तक बारिश का सिलसिला जारी था।
शहर के पॉश इलाके न्यू हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र में भी सड़क पर पानी जमा हो गया। वाहनों के पहिए करीब 4 इंच तक पानी में डूबे नजर आए। बैरियर चौराहा, एमएस रोड सहित अन्य प्रमुख मार्गों पर भी पानी भरा हुआ है। इससे लोगों एवं वाहनचालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि आज की तेज बारिश से लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली है। बारिश के बाद मौसम सुहाना हो गया और तापमान में गिरावट दर्ज की गई है है।
*कल भी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान*
मौसम विभाग के अनुसार मुरैना में कल शुक्रवार तक मौसम का ऐसा ही मिजाज बने रहने की संभावना है। इस दौरान बारिश जारी रह सकती है।
