
उल्लेखनीय है कि भारत ओर अमेरिका ने बीटीए पर सहमति की घोषणा इसी साल फरवरी के पहले सप्ताह में कर दी थी लेकिन उसके कुछ ही दिन बाद अमेरिकी उच्च न्यायालय ने राष्ट्रपति ट्रम्प द्वारा भारत सहित विभिन्न देशों पर लगाये गये ऊंचे शुल्कों को उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर करार दे दिया था। इससे बीटीए को अंतिम रुप देने पर की बातचीत का परिप्रेक्ष बदल गया है। श्री गोयल ने कार्यशाला में अपने संबोधन में कहा कि भारत ने हाल के दौर में नौ मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीएम ) में अच्छे अवसर हासिल किये हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक समझौता दोनों पक्षों के लिए लाभकारी है। किसानों, मछुआरों, लघु और मझोले उद्यमों और श्रमिकों से जुड़े संवेदनशील क्षेत्रों सहित फार्मास्यूटिकल्स, कपड़ा, प्रसंस्कृत कृषि-खाद्य पदार्थ और कृषि उत्पाद जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को भी ऐसा समझौता मिला है, जिस पर भारत गर्व कर सकता है।
उन्होंने कहा कि इन समझौतों पर हितधारकों के साथ व्यापक विचार-विमर्श और परामर्श के बाद गहन बातचीत के माध्यम से सहमति बनी है। इनमें संवेदनशील क्षेत्रों को पर्याप्त सुरक्षा दी गई है तथा भारत के हित और क्षमता वाले क्षेत्रों में निर्यात करने की सुविधा सुनिश्चित की गई है। श्री गोयल ने कहा कि भारत ने चालू वर्ष के लिए एक लाख करोड़ डॉलर का निर्यात लक्ष्य निर्धारित किया है, जो लगभग 16 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। चालू वर्ष के पहले चार महीनों में निर्यात लगभग 317 अरब डॉलर तक पहुँच गया है, जबकि पिछले वर्ष अप्रैल-जुलाई की अवधि में यह 280 अरब डॉलर था। यानी केवल पहले चार महीनों में ही लगभग 36-37 अरब डॉलर की वृद्धि दर्ज की गई है।
