
जबलपुर। भेड़ाघाट स्थित शासकीय हाई स्कूल की भूमि एवं खेल मैदान के एक हिस्से को पर्यटन गतिविधियों के लिए हेलीपैड के रूप में उपयोग करने के प्रस्ताव का मामला हाई कोर्ट पहुंच गया है। अधिवक्ता अश्मिता चांद द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट की युगलपीठ ने प्रशासन से आवश्यक निर्देश प्राप्त करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को निर्धारित की गई है। कार्यवाहक मुख्य न्यायमूर्ति विवेक रूसिया व न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की युगलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता केके पांडे व सिद्धार्थ पांडे ने पैरवी की। याचिका में बताया गया कि नगर परिषद भेड़ाघाट ने प्रस्ताव क्रमांक 79 31 दिसंबर 2011 के माध्यम से लगभग चार एकड़ भूमि, खसरा नंबर 80 व 81 शासकीय हाई स्कूल के लिए आवंटित करने का निर्णय लिया था।
इसके बाद वर्ष 2012 में उक्त भूमि पर स्कूल भवन का निर्माण किया गया। वर्तमान में यहां कक्षा नौवीं एवं 10 वीं के लगभग 113 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। जनहित याचिका में आरोप लगाया गया कि स्कूल परिसर में पर्याप्त बाउंड्रीवाल नहीं होने से विद्यार्थियों, विशेषकर छात्राओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। इसके बावजूद स्कूल के खेल मैदान के एक हिस्से में पर्यटन गतिविधियों के लिए हेलीपैड स्थापित करने का प्रस्ताव सामने आया है। याचिकाकर्ता का कहना है कि हेलीपैड से शोर, वाहनों की आवाजाही और सुरक्षा संबंधी व्यवधान बढ़ेंगे, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई एवं खेल गतिविधियां प्रभावित होंगी। याचिका में स्कूल की भूमि का उपयोग बदलने पर रोक, हेलीपैड स्थापित नहीं करने तथा बाउंड्रीवाल व सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश देने की मांग की गई है।
