
वर्तमान में विजुअल फ्लाइट रूल्स (वीएफआर) के तहत संचालन करने वाले हवाई अड्डों के आसपास 20 किलोमीटर तक और इंस्ट्रूमेंट फ्लाइट रूल्स (आईएफआर) के तहत संचालन करने वाले हवाई अड्डों के आसपास 56 किलोमीटर तक ऊंची इमारतों के निर्माण से पहले भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) से अनापत्ति प्रमाणपत्र लेना होता है। बैठक में 20 किलोमीटर और 56 किलोमीटर की दूरियों की भी समीक्षा की गयी। इसमें शहरी स्थानीय निकायों के स्तर पर एनओसी जारी करने की संभावना पर भी विचार किया गया, ताकि व्यक्तियों और उद्योगों को एनओसी प्राप्त करने के लिए सीधे एएआई से संपर्क करने की आवश्यकता कम हो सके।
श्री नायडू ने एओसी प्रक्रिया को परेशानी-मुक्त, पारदर्शी, स्वचालित और समयबद्ध बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया, जिसमें मानवीय हस्तक्षेप कम से कम हो। प्रस्तावित सुधारों का उद्देश्य आम जनता, सोसायटियों, बिल्डरों और उद्योग जगत के लिए काम आसान बनाना है। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जा सकेगा कि विमानन सुरक्षा से जुड़ी नियामक जरूरतों का उचित रूप से पालन होता रहे।
मंत्री ने आवेदकों को शुरुआती चरण में ही भवन की अनुमत/निर्धारित ऊंचाई की जानकारी देने की संभावना पर भी चर्चा की, विशेष रूप से दिल्ली, मुंबई और हैदराबाद जैसे बड़े महानगरों में। इस तरह के दृष्टिकोण से आवेदकों और अन्य हितधारकों को सही जानकारी के आधार पर निर्णय लेने और शुरुआत से ही लागू ऊंचाई संबंधी प्रतिबंधों के अनुसार अपने भवन विकास की योजना बनाने में मदद मिलेगी।
