
गुना/अशोकनगर। गुना और अशोकनगर जिले की सीमा पर स्थित सिंध नदी के पुल पर बुधवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। ब्रेक फेल हो जाने के कारण यात्रियों से भरी एक बस सामने से आ रहे मिनी ट्रक से जा भिड़ी। गनीमत यह रही कि दोनों वाहनों की गति धीमी थी, जिससे वे पुल की रेलिंग तोड़कर 80 फीट गहरी नदी में नहीं गिरे और बड़ा हादसा टल गया। इस दुर्घटना में किसी भी यात्री को चोट नहीं आई है।
घटना बुधवार सुबह करीब 11 बजे की है। बालाजी ट्रेवल्स की बस (क्रमांक MP08 P 2991) करीब 30 यात्रियों को लेकर गुना से अशोकनगर की ओर जा रही थी। इसी दौरान विपरीत दिशा से आ रहे मिनी ट्रक (क्रमांक MH40 CT 3619) से सिंध नदी के पुल के बीचों-बीच उसकी आमने-सामने की टक्कर हो गई। बताया जा रहा है कि बस के अचानक ब्रेक फेल हो गए थे, जिस कारण चालक उस पर नियंत्रण नहीं रख सका।
बाल-बाल बचे यात्री, मची चीख-पुकार
तगड़ी टक्कर के चलते बस और मिनी ट्रक दोनों के अगले हिस्से (ड्राइवर साइड) बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए और बस का कांच टूट गया। इस अचानक हुई दुर्घटना के बाद बस में सवार यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। हालांकि, हादसे में बस के ड्राइवर-कंडक्टर और ट्रक चालक पूरी तरह सुरक्षित रहे। घटना के बाद मौके पर पहुंचे लोगों ने राहत की सांस ली और सभी यात्रियों को सुरक्षित दूसरी बस के जरिए उनके गंतव्य अशोकनगर के लिए रवाना किया गया।
कम चौड़ा पुल और धीमी गति बनी जीवनरक्षक
स्थानीय लोगों के अनुसार, सिंध नदी का यह पुल ज्यादा चौड़ा नहीं है, जिस वजह से इस पर वाहन हमेशा धीमी गति से ही निकाले जाते हैं। हादसे के समय भी दोनों वाहन काफी कम स्पीड में थे। यह संकरा मार्ग और कम गति ही थी जिसने दोनों भारी वाहनों को पुल की रेलिंग से टकराकर नीचे गिरने से बचा लिया। उल्लेखनीय है कि इस पुल की ऊंचाई 80 फीट से अधिक है और इसके नीचे बहने वाली सिंध नदी गुना व अशोकनगर जिलों की सीमा निर्धारित करती है। यह स्थल गुना मुख्यालय से करीब 18 किमी और अशोकनगर से 25 किमी दूर है। चूंकि यह भीषण टक्कर पुल के बिल्कुल मध्य में हुई है, इसलिए अब यह तकनीकी सवाल बना हुआ है कि इस मामले की आगे की जांच किस जिले की पुलिस करेगी।
